February 23, 2026

कैबिनेट मंत्री एवं युवराजगुरु गुरु खुशवंत साहेब जी के नेतृत्व में आज होगा भव्य समापन: ‘सतनाम सद्भाव पदयात्रा’ गिरौदपुरी धाम की ओर अग्रसर

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आस्था का सैलाब: ‘सतनाम सद्भाव पदयात्रा’ का आज गिरौदपुरी धाम में होगा भव्य समापन

आरंग/​कसडोल/लवन/रायपुर:सतनामी समाज के गुरु एवं प्रदेश के कैबिनेट मंत्री व आरंग विधायक के नेतृत्व में रायपुर से प्रारंभ हुई विशाल ‘सतनाम सद्भाव पदयात्रा’ अपने पांचवें और अंतिम दिन की आध्यात्मिक यात्रा पर है। परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा जी के सत्य और अहिंसा और समानता ,समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने वाली यह पदयात्रा आज अपने गंतव्य—पवित्र तपोभूमि गिरौदपुरी धाम पहुँचेगी। श्वेत ध्वज (जैतखाम) थामे हजारों श्रद्धालुओं का हुजूम आज बाबा जी के चरणों में मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त करेगा।

​यात्रा के पांचवें दिन का उत्साह चरम पर है। आज सुबह लवन से प्रस्थान के बाद पदयात्रा का कारवां निम्नलिखित पड़ावों से होकर गुजरेगा: ​कसडोल और छरछेद: यहाँ स्थानीय ग्रामीणों द्वारा भव्य स्वागत की तैयारी है। ​छाछी, कटगी और अमोदी: इन क्षेत्रों में पदयात्रियों के लिए जलपान और विश्राम की व्यवस्था की गई है।

​मटिया और मड़वा: धाम के करीब पहुँचते ही यहाँ श्रद्धालुओं का जोश दोगुना होने की उम्मीद है।

शाम तक पदयात्रा गिरौदपुरी धाम की पावन धरा पर प्रवेश करेगी, जहाँ बाबा गुरु घासीदास जी के दर्शन और ‘सत्यनाम’ के उद्घोष के साथ इस यात्रा का विधि विधान से समापन होगा। ​यह पदयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक सद्भाव का प्रतीक बन चुकी है। यात्रा मार्ग में हर जाति और वर्ग के लोग पदयात्रियों का स्वागत कर रहे हैं। पंथी नृत्य की गूंज और “बाबा जी के आशीर्वाद” के नारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है।

​हजारों की संख्या में उमड़ी भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं:

​यातायात व्यवस्था: लवन से गिरौदपुरी मार्ग पर वाहनों के आवागमन को सुव्यवस्थित करने के लिए पुलिस बल तैनात है।

​स्वास्थ्य सेवाएं: यात्रा के साथ एंबुलेंस और मेडिकल टीम चल रही है ताकि किसी भी पदयात्री को स्वास्थ्य संबंधी समस्या न हो।

​स्वयंसेवकों का योगदान: स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के स्वयंसेवक पेयजल, भोजन और ठहरने की व्यवस्था में दिन-रात जुटे हुए हैं।

​गिरौदपुरी धाम पहुँचने पर पदयात्री मुख्य जैतखाम की परिक्रमा करेंगे। इसके बाद गुरु के चरणों में मत्था टेककर प्रदेश की खुशहाली और शांति की कामना की जाएगी।

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