रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने सोमवार को रायपुर स्थित भारत सेवाश्रम संघ द्वारा संचालित प्रणवानंद अकादमी में अत्याधुनिक रोबोटिक्स लैबोरेट्री का लोकार्पण किया। इस लैब की स्थापना के लिए राज्यपाल ने अपने स्वेच्छानुदान मद से आर्थिक सहयोग प्रदान किया है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और रोबोटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों का उद्देश्य मानव जीवन को आसान बनाना है, लेकिन इनका उपयोग हमेशा मानव कल्याण और समाज के विकास के लिए होना चाहिए।
‘तकनीक इंसान को नियंत्रित न करे’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आज AI, रोबोटिक्स और अन्य आधुनिक तकनीकें दुनिया को नई दिशा दे रही हैं। ऐसे समय में विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों को भी अपनाना होगा।
उन्होंने कहा,
“कोई भी नया आविष्कार या नवाचार मानवता के हित में होना चाहिए। तकनीक पर इंसान का नियंत्रण होना चाहिए, न कि तकनीक इंसान को नियंत्रित करे।”
अच्छे अंक ही नहीं, अच्छे संस्कार भी जरूरी
राज्यपाल ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की पहचान केवल परीक्षा परिणामों से नहीं होती, बल्कि ऐसे विद्यार्थियों से होती है जो ज्ञान के साथ संवेदनशीलता, चरित्र, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय दें।
उन्होंने प्रणवानंद अकादमी की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और चरित्र निर्माण पर भी समान रूप से ध्यान दे रहा है, जो सराहनीय है।
विद्यार्थियों को दिए सफलता के मंत्र
अपने प्रेरणादायी संबोधन में राज्यपाल ने विद्यार्थियों से जीवन में संतोष, आत्मविश्वास और कठिन परिश्रम को अपनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि—
- जीवन में चुनौतियां आना स्वाभाविक है।
- सफलता उसी को मिलती है जो गिरकर दोबारा उठने का साहस रखता है।
- सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास ही लक्ष्य तक पहुंचने का रास्ता बनाते हैं।
‘समाज से लेने नहीं, समाज को देने की सोच रखें’
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से समाज के प्रति सेवा और सहयोग की भावना विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमें यह सोचने के बजाय कि समाज ने हमें क्या दिया, यह विचार करना चाहिए कि हम समाज को क्या दे सकते हैं।
उनके अनुसार सेवा, सहयोग, संवेदनशीलता और पड़ोसियों के प्रति आत्मीयता ही जीवन में वास्तविक आनंद का आधार हैं।
अकादमी में हुआ भव्य कार्यक्रम
कार्यक्रम में भारत सेवाश्रम संघ से जुड़े संत, शिक्षक, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।
इस दौरान—
- अकादमी के अध्यक्ष स्वामी शिवरूपानंद ने स्वागत भाषण दिया।
- प्राचार्य श्रीमती नीति यदुवंशी ने आभार व्यक्त किया।
- कार्यक्रम में रोबोटिक्स लैब का अवलोकन भी कराया गया।
छत्तीसगढ़ में तकनीकी शिक्षा को मिलेगा नया आयाम
प्रणवानंद अकादमी में शुरू हुई यह रोबोटिक्स लैब छात्रों को Artificial Intelligence (AI), Robotics, Automation और Innovation जैसे आधुनिक क्षेत्रों की शुरुआती जानकारी और व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेगी। इससे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और तकनीकी कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी।
