रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए आर्थिक सहारा बनकर उभरी है। योजना के तहत हर महीने मिलने वाली ₹1000 की आर्थिक सहायता महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में भागीदारी का अवसर भी दे रही है। नियमित सहायता से महिलाएं घरेलू जरूरतों को पूरा कर रही हैं और उनके आत्मविश्वास में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
28 किश्तों में मिले ₹28 हजार, बदली परिवार की आर्थिक स्थिति
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के ग्राम मसौरा निवासी श्रीमती गीता यादव की कहानी इस योजना के सकारात्मक प्रभाव की मिसाल है।
गीता यादव को महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 28 किश्तों में कुल ₹28,000 की सहायता राशि मिल चुकी है। उनका कहना है कि हर महीने मिलने वाली यह राशि उनके परिवार के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।
घरेलू जरूरतें पूरी करने में मिल रही मदद
गीता यादव बताती हैं कि पहले घर के दैनिक खर्चों को पूरा करने में काफी कठिनाई होती थी। लेकिन अब योजना से मिलने वाली नियमित राशि से वे घर की छोटी-बड़ी आवश्यकताओं को आसानी से पूरा कर पा रही हैं।
उनके अनुसार—
- रसोई और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की खरीद आसान हुई।
- घरेलू खर्चों का बेहतर प्रबंधन संभव हो रहा है।
- छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
- परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में उनकी भागीदारी बढ़ी है।
आर्थिक सहायता के साथ मिला आत्मविश्वास
गीता यादव का कहना है कि यह योजना केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे महिलाओं में आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि अब वे परिवार के फैसलों और जरूरतों में पहले से अधिक सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इससे उन्हें सम्मान और आत्मनिर्भरता का एहसास हुआ है।
प्रदेश की लाखों महिलाओं को मिल रहा लाभ
राज्य सरकार के अनुसार, महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेशभर की लाखों महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना, उनकी सामाजिक भागीदारी बढ़ाना और परिवार की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करना है।
सरकार के प्रति जताया आभार
गीता यादव ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना उनके जैसी लाखों महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
उनका कहना है कि नियमित आर्थिक सहायता से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और बेहतर भविष्य की ओर आत्मविश्वास के साथ कदम बढ़ा रही हैं।
