रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं और चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय परिसर में ₹103 करोड़ से अधिक की स्वास्थ्य अधोसंरचना परियोजनाओं का भूमिपूजन किया। इन परियोजनाओं में 200 सीटर आधुनिक छात्रावास, कैंसर भवन का विस्तार और चिकित्सकों व कर्मचारियों के लिए आवासीय परिसर का निर्माण शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “स्वस्थ छत्तीसगढ़ ही विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करेगा।” उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी, जिसका सीधा लाभ मरीजों, मेडिकल विद्यार्थियों और डॉक्टरों को मिलेगा।
₹103 करोड़ से होंगे ये प्रमुख निर्माण कार्य
भूमिपूजन के तहत तीन प्रमुख परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई—
1. 200 सीटर आधुनिक छात्रावास
- मेडिकल छात्रों के लिए अत्याधुनिक हॉस्टल।
- चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधा।
- आधुनिक बुनियादी सुविधाओं से लैस परिसर।
2. कैंसर भवन का विस्तार
- द्वितीय से छठी मंजिल तक विस्तार।
- लगभग 11 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में निर्माण।
- आधुनिक लैब, ICU, ऑपरेशन थिएटर और 64-64 बिस्तरों वाले वार्ड।
- कैंसर मरीजों को एक ही परिसर में बेहतर उपचार सुविधा।
3. छात्राओं के छात्रावास का विस्तार
- अतिरिक्त कमरे और डॉर्मिटरी।
- लाइब्रेरी और रिक्रिएशन हॉल।
- सुरक्षित एवं आधुनिक आवासीय सुविधाएं।
‘विद्यार्थियों की मांग पूरी की’
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पिछली बार मेडिकल कॉलेज के दौरे के दौरान विद्यार्थियों ने छात्रावास निर्माण की मांग रखी थी। सरकार ने इसे गंभीरता से लिया और अब उसके निर्माण की शुरुआत कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार चिकित्सा शिक्षा के लिए बेहतर अधोसंरचना उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
‘स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार हो रहा विस्तार’
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेशभर में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार हुआ है और केंद्र सरकार का भी लगातार सहयोग मिल रहा है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में छत्तीसगढ़ को ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) की भी सौगात मिलेगी, जिससे प्रदेश की आयुर्वेदिक चिकित्सा और औषधीय वनस्पतियों को नई पहचान मिलेगी।
मेडिकल विद्यार्थियों से किया आह्वान
मुख्यमंत्री ने मेडिकल छात्रों से अपील की कि वे पढ़ाई पूरी करने के बाद केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि सरगुजा से लेकर बस्तर तक प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में भी अपनी सेवाएं दें।
उन्होंने कहा कि सरकार डॉक्टरों और विद्यार्थियों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
उपमुख्यमंत्री ने दिए गुणवत्ता के निर्देश
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि लगभग ₹104 करोड़ की लागत वाली ये परियोजनाएं चिकित्सा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि साबित होंगी।
उन्होंने निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा से पहले और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
स्वास्थ्य मंत्री ने गिनाईं उपलब्धियां
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहा है।
उन्होंने बताया कि—
- 5 नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी मिली है।
- नर्सिंग कॉलेजों का विस्तार किया जा रहा है।
- फिजियोथेरेपी कॉलेजों की संख्या बढ़ रही है।
- 100 बिस्तरों वाले योग एवं नेचुरोपैथी अस्पताल और रिसर्च सेंटर का निर्माण जारी है।
- जगदलपुर में जल्द ही प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा हार्ट सेंटर स्थापित किया जाएगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा निवेश
विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद रायपुर मेडिकल कॉलेज में मरीजों के उपचार की क्षमता बढ़ेगी, मेडिकल छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक मजबूत होंगी।
