कोरबा, 3 जुलाई 2026। जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने आज करतला विकासखंड के ग्राम तिलकेजा स्थित पीएम श्री सेजस विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, अधोसंरचना, प्रयोगशालाओं, कंप्यूटर लैब और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का विस्तृत जायजा लिया। विद्यालय पहुंचने पर छात्राओं ने तिलक लगाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर कलेक्टर का आत्मीय स्वागत किया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यार्थियों और शिक्षकों से सीधे संवाद कर शिक्षा की गुणवत्ता, आवश्यक संसाधनों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
कंप्यूटर लैब का किया निरीक्षण, संसाधनों की ली जानकारी
निरीक्षण की शुरुआत कलेक्टर ने विद्यालय की कंप्यूटर लैब से की। उन्होंने वहां उपलब्ध कंप्यूटर, तकनीकी संसाधनों और अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था का अवलोकन किया।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से लैब के संचालन, विद्यार्थियों की भागीदारी और डिजिटल शिक्षा की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
विद्यार्थियों से किया आत्मीय संवाद
कलेक्टर श्री दुदावत ने कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के साथ खुलकर संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई, पसंदीदा विषय, परीक्षा की तैयारी, पिछले वर्ष के परीक्षा परिणाम और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों से यह भी पूछा कि विद्यालय में किन सुविधाओं की आवश्यकता है और वे विद्यालय को और अधिक आधुनिक एवं बेहतर बनाने के लिए क्या सुझाव देना चाहते हैं।
करियर लक्ष्य तय कर मेहनत करने की दी सीख
संवाद के दौरान कलेक्टर ने विद्यार्थियों से उनके भविष्य के लक्ष्य और करियर विकल्पों पर चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी रुचि के अनुसार लक्ष्य निर्धारित कर अनुशासन, समर्पण और निरंतर मेहनत के साथ अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने विशेष रूप से कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों से कहा कि बोर्ड परीक्षा उनके उच्च शिक्षा और भविष्य के करियर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए समय का सदुपयोग करते हुए पूरी एकाग्रता के साथ पढ़ाई करें और उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त करने का प्रयास करें।
आईआईटी और जेईई की निःशुल्क कोचिंग की दी जानकारी
कलेक्टर श्री दुदावत ने विद्यार्थियों को जिला प्रशासन द्वारा संचालित आईआईटी एवं जेईई जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग के बारे में भी जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इच्छुक विद्यार्थी इस सुविधा का लाभ लेकर अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।
शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यालय के प्राचार्य और शिक्षकों से शैक्षणिक गतिविधियों, शिक्षकों की उपलब्धता तथा विद्यालय संचालन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
उन्होंने कंप्यूटर लैब के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक शिक्षक की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा अतिथि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और उन्हें नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलती रहे।
निर्माणाधीन पीसीबी लैब का भी किया निरीक्षण
कलेक्टर ने विद्यालय परिसर के समीप निर्माणाधीन पीसीबी लैब का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया।
उन्होंने संबंधित इंजीनियर को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता के साथ तय समय-सीमा में पूरा किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को जल्द से जल्द आधुनिक प्रयोगशाला की सुविधा उपलब्ध हो सके।
पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
विद्यालय निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने परिसर में रातरानी का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की।
शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में प्रयास
इस अवसर पर सहायक कलेक्टर श्री ईशांत जायसवाल, जिला पंचायत सीईओ श्री दिनेश कुमार नाग, एसडीएम कोरबा श्री सरोज महिलांगे तथा शिक्षा विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
कलेक्टर का यह निरीक्षण विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता और विद्यार्थियों के समग्र विकास को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। जिला प्रशासन लगातार ऐसे प्रयास कर रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी बेहतर शैक्षणिक वातावरण और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के समान अवसर उपलब्ध हो सकें।
