सूरजपुर, 3 जुलाई 2026। प्रदेश में गन्ना उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से राज्य सरकार आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती को प्रोत्साहित कर रही है। इसी दिशा में सूरजपुर जिले स्थित माँ महामाया सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित, केरता द्वारा गन्ना उत्पादक किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण एवं किसान चौपालों के माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी देकर उत्पादन बढ़ाने, लागत कम करने और गुणवत्तापूर्ण गन्ना उत्पादन के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के निर्देश पर संचालित इस विशेष अभियान का उद्देश्य किसानों को नई कृषि तकनीकों से जोड़कर गन्ना खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाना है।
267 गांवों के किसानों को मिल रहा आधुनिक खेती का प्रशिक्षण
माँ महामाया सहकारी शक्कर कारखाना के कार्यक्षेत्र में आने वाले सूरजपुर, बलरामपुर और सरगुजा जिलों के 267 गांवों के गन्ना उत्पादक किसानों को प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ा गया है।

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इन कार्यक्रमों के माध्यम से कृषि विशेषज्ञ किसानों को आधुनिक तकनीकों, वैज्ञानिक खेती और बेहतर फसल प्रबंधन की जानकारी देकर उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।
उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक और वैज्ञानिक सिंचाई पर विशेष जोर
प्रशिक्षण कार्यक्रमों में किसानों को उन्नत किस्म के बीजों का चयन, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, जल संरक्षण, वैज्ञानिक सिंचाई पद्धति, कीट एवं रोग नियंत्रण सहित आधुनिक कृषि तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
विशेषज्ञ किसानों को यह भी समझा रहे हैं कि वैज्ञानिक तरीके अपनाने से उत्पादन लागत कम होती है, फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है और बाजार में अच्छा मूल्य प्राप्त होता है।
किसान चौपालों में उत्साह से शामिल हो रहे किसान
ग्राम परसवार, मायापुर-1, बैकोना, पोडिया, बगड़ा, मायापुर-2, सुंदरगंज, दुप्पी, रेवतपुर, कुंदीकला, अखोराखुर्द, टुकुडांड, पोपरंगा, महोरा, धरमपुर और रुखपुर सहित कई गांवों में आयोजित किसान चौपालों में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।
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इन चौपालों में किसानों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त किया और आधुनिक खेती से जुड़ी नई जानकारियां हासिल कीं।
व्यावहारिक प्रशिक्षण से सीख रहे बेहतर उत्पादन के तरीके
सैद्धांतिक प्रशिक्षण के साथ किसानों को गन्ना खेतों का व्यावहारिक भ्रमण भी कराया जा रहा है। इस दौरान उन्हें लाइन से लाइन की उचित दूरी, शीघ्र एवं अधिक उत्पादन देने वाली उन्नत गन्ना किस्मों के उपयोग तथा कीट एवं रोगों की पहचान एवं नियंत्रण के प्रभावी उपायों की जानकारी दी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि व्यवहारिक प्रशिक्षण से किसान तकनीकों को बेहतर ढंग से समझते हैं और उन्हें अपने खेतों में आसानी से लागू कर सकते हैं।
आधुनिक तकनीक अपनाने की किसानों से अपील
कारखाना प्रबंधन ने किसानों से अपील की है कि वे आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर अधिक उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता वाला गन्ना तैयार करें। इससे न केवल चीनी उद्योग को गुणवत्तापूर्ण कच्चा माल मिलेगा, बल्कि किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
प्रबंधन का मानना है कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक खेती के माध्यम से क्षेत्र में गन्ना उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
गन्ना उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों की समृद्धि पर फोकस
राज्य सरकार और सहकारी शक्कर कारखाना का यह संयुक्त प्रयास गन्ना खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशिक्षण, किसान चौपाल और व्यवहारिक प्रदर्शन के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक खेती से जोड़ने का अभियान लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।
आने वाले समय में इन प्रयासों से गन्ना उत्पादन में वृद्धि, खेती की लागत में कमी और किसानों की आय में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। यह पहल क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ गन्ना उत्पादक किसानों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
