रायपुर, 3 जुलाई 2026। खरीफ मौसम 2026 के दौरान किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक, बीज और कीटनाशक उपलब्ध कराने तथा अवैध भंडारण और नकली कृषि आदानों पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा लगातार सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कृषि विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम पांडुका में 202 बोरी संदिग्ध डीएपी खाद जब्त की है।
यह कार्रवाई क्षेत्र में अवैध उर्वरक भंडारण और कालाबाजारी की शिकायतों के आधार पर की गई, जिससे कृषि विभाग में हड़कंप की स्थिति देखी गई।
गोदाम से मिली महाराष्ट्र निर्मित 202 बोरी डीएपी खाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखंड खैरागढ़ अंतर्गत ग्राम पांडुका निवासी राजेश वर्मा के गोदाम से महाराष्ट्र निर्मित 202 बोरी खाद बरामद की गई, जिस पर डीएपी (DAP) अंकित था।
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सूचना मिली थी कि उक्त खाद किसानों को ₹1,900 प्रति बोरी की दर से बेची जा रही है। शिकायत के आधार पर कृषि विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर गोदाम की जांच की और स्टॉक को संदिग्ध पाया।
दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका संचालक
प्रारंभिक जांच के दौरान राजेश वर्मा द्वारा यह खाद किसी अन्य व्यक्ति मनोज वर्मा की बताई गई, लेकिन खाद की खरीदी, परिवहन और भंडारण से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
दस्तावेजों के अभाव और संदेहास्पद स्थिति को देखते हुए कृषि विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे 202 बोरी स्टॉक को जब्त कर लिया।
इसके बाद मामले को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया गया है।
कृषि विभाग का सघन निरीक्षण अभियान जारी
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए जिलेभर में उर्वरक, बीज एवं कीटनाशक विक्रय केंद्रों की लगातार जांच की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार अवैध भंडारण, कालाबाजारी और नकली खाद के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
किसानों से अधिकृत विक्रेताओं से खरीदारी की अपील
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल पंजीकृत एवं अधिकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक, बीज और कीटनाशक खरीदें। साथ ही खरीद के समय पक्का बिल लेना अनिवार्य बताया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके।
विभाग ने यह भी कहा कि यदि कहीं पर भी कालाबाजारी, अवैध भंडारण या नकली खाद की जानकारी मिले तो तुरंत कृषि विभाग को सूचित किया जाए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
अधिकारियों की टीम रही मौके पर मौजूद
कार्रवाई के दौरान सहायक संचालक कृषि श्री लुकमान साहू, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री लखेश्वर तिवारी, श्री देवेंद्र वर्मा एवं श्री अश्विन पटौती उपस्थित रहे।
कृषि विभाग की इस कार्रवाई को क्षेत्र में अवैध उर्वरक कारोबार पर बड़ी रोक के रूप में देखा जा रहा है, जिससे किसानों के हितों की सुरक्षा को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
