रायपुर, 3 जुलाई 2026। राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोक भवन में जैन मुनि राष्ट्र संत डॉ. मणिभद्र महाराज के नेतृत्व में संचालित सर्वाेदय शांति पदयात्रा से जुड़े संतों ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल ने संतों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
राज्यपाल ने कहा कि संत समाज के विचार और उनके जीवन मूल्य समाज में शांति, सद्भाव, नैतिकता और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक अभियान समाज को एक सकारात्मक दिशा देने का कार्य करते हैं और जनमानस में आपसी भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं।
सर्वाेदय शांति पदयात्रा को बताया प्रेरक अभियान
राज्यपाल श्री डेका ने सर्वाेदय शांति पदयात्रा को सामाजिक समरसता, अहिंसा और विश्व बंधुत्व का प्रेरक अभियान बताते हुए इसकी सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ऐसे प्रयास समाज में शांति और नैतिक मूल्यों को स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

उन्होंने संतों द्वारा दिए जा रहे संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि समाज में सौहार्द और एकता को और अधिक मजबूत किया जा सके।
नेपाल से शुरू होकर छत्तीसगढ़ पहुंची पदयात्रा
उल्लेखनीय है कि यह सर्वाेदय शांति पदयात्रा नेपाल से प्रारंभ हुई थी, जो लगभग 1,600 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए छत्तीसगढ़ पहुंची है। इस यात्रा का उद्देश्य जन-जन तक शांति, सद्भाव, अहिंसा और मानवीय मूल्यों का संदेश पहुंचाना है।
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पदयात्रा के माध्यम से संत समाज विभिन्न स्थानों पर लोगों से संवाद कर रहा है और उन्हें जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है।
जैन समाज के पदाधिकारी भी रहे उपस्थित
इस अवसर पर श्री श्वेतांबर स्थानकवासी जैन श्रमण संघ, रायपुर के अध्यक्ष श्री अशोक पटवा, कार्यकारिणी अध्यक्ष श्री विनय पटवा सहित संघ के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
संतों की इस भेंट को समाज में शांति और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जो आने वाले समय में सामाजिक समरसता को और अधिक सशक्त बनाएगी।
