बलरामपुर, 02 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जिले बलरामपुर में आज अंतरराज्यीय सुरक्षा को लेकर बड़ी बैठक आयोजित की गई। वाड्रफनगर स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में हुई इस हाई लेवल बॉर्डर मीटिंग में छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और झारखंड के पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में सीमा क्षेत्रों में बढ़ रहे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर महत्वपूर्ण रणनीति तैयार की गई।
पुलिस अधीक्षक बलरामपुर के मार्गदर्शन में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता एसडीएम नीरनिधि नंदेहा एवं एसडीओपी राम अवतार ध्रुव ने की। बैठक में चारों राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने सीमावर्ती इलाकों में कानून-व्यवस्था मजबूत करने और संयुक्त कार्रवाई को लेकर विस्तृत चर्चा की।

रेत माफिया, मवेशी तस्करी और नशे के कारोबार पर होगी संयुक्त कार्रवाई
बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध रेत उत्खनन, अवैध परिवहन, मवेशी तस्करी, गांजा, शराब और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए संयुक्त अभियान चलाने पर सहमति बनी।
इसके अलावा फरार वारंटियों की गिरफ्तारी, चेक पोस्टों पर नियमित जांच, नाकाबंदी और सीमा क्षेत्रों में सक्रिय अपराधियों के आपराधिक रिकॉर्ड साझा करने जैसे मुद्दों पर भी अहम निर्णय लिए गए।
साइबर अपराध से निपटने के लिए साझा रणनीति
बदलते समय के साथ बढ़ रहे साइबर अपराधों को लेकर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने ऑनलाइन ठगी और डिजिटल अपराधों से जुड़े मामलों में त्वरित सूचना साझा करने तथा जांच के दौरान एक-दूसरे का सहयोग करने पर सहमति जताई।

तुरंत सूचना साझा करने के लिए बनाया गया व्हाट्सएप ग्रुप
सीमावर्ती क्षेत्रों में किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध की सूचना तत्काल साझा करने के लिए चारों राज्यों के पुलिस अधिकारियों का एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया है। इसके माध्यम से रियल टाइम सूचना का आदान-प्रदान किया जाएगा, जिससे अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई संभव हो सके।
चार राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए। सभी अधिकारियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में बेहतर समन्वय के साथ काम करने और संयुक्त कार्रवाई को और प्रभावी बनाने का संकल्प लिया।
सीमाई सुरक्षा को और मजबूत करने की तैयारी
अंतरराज्यीय बॉर्डर मीटिंग में यह तय किया गया कि भविष्य में भी इस तरह की समन्वय बैठकों का नियमित आयोजन किया जाएगा, ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में होने वाले अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके और कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।
