बीजापुर, 2 जुलाई 2026। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) एक बार फिर स्वरोजगार को बढ़ावा देने में प्रभावी साबित हुआ है। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के निवासी रमेश नाग ने इस योजना का लाभ लेकर अपना वर्षों पुराना सपना साकार किया है। उन्होंने सीमेंट ब्रिक्स निर्माण इकाई स्थापित कर न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है, बल्कि क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बनकर उभरे हैं। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि सरकारी योजनाओं का सही समय पर लाभ और उचित मार्गदर्शन मिलने से स्वरोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं, बेरोजगारों और उद्यमियों को स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपना उद्योग या व्यवसाय स्थापित कर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। इसी उद्देश्य को साकार करते हुए बीजापुर जिले में रमेश नाग की सफलता एक उल्लेखनीय उदाहरण बनकर सामने आई है।
पूंजी की कमी बनी थी सबसे बड़ी बाधा
रमेश नाग लंबे समय से सीमेंट ब्रिक्स निर्माण का स्वयं का व्यवसाय शुरू करना चाहते थे। स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्यों की बढ़ती मांग को देखते हुए उन्होंने इस क्षेत्र में संभावनाएं देखीं, लेकिन पर्याप्त पूंजी नहीं होने के कारण वे अपने सपने को साकार नहीं कर पा रहे थे।
इसी दौरान उन्हें जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, बीजापुर द्वारा संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) की जानकारी मिली। अधिकारियों ने उन्हें योजना के बारे में विस्तार से समझाया और आवेदन प्रक्रिया में आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
₹10 लाख का ऋण और ₹3.50 लाख का अनुदान मिला
जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, बीजापुर के सहयोग तथा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बीजापुर के माध्यम से रमेश नाग को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत ₹10 लाख का ऋण स्वीकृत किया गया। इसके अतिरिक्त परियोजना के लिए लगभग ₹3.50 लाख की मार्जिन मनी (अनुदान) भी प्रदान की गई।
इस वित्तीय सहायता से उन्हें व्यवसाय प्रारंभ करने के लिए आवश्यक आर्थिक मजबूती मिली और उनका स्वरोजगार का सपना वास्तविकता में बदल गया।
आधुनिक मशीनों के साथ शुरू की सीमेंट ब्रिक्स निर्माण इकाई
ऋण और अनुदान की राशि प्राप्त होने के बाद रमेश नाग ने आधुनिक मशीनों तथा आवश्यक उपकरणों की खरीद कर अपनी सीमेंट ब्रिक्स निर्माण इकाई स्थापित की। वर्तमान में उनकी इकाई में गुणवत्तापूर्ण सीमेंट ब्रिक्स का उत्पादन किया जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर तैयार हो रही इन ब्रिक्स से क्षेत्र में निर्माण कार्यों के लिए गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध हो रही है, जिससे परिवहन लागत में भी कमी आ रही है और स्थानीय बाजार को मजबूती मिल रही है।
स्थानीय युवाओं को भी मिला रोजगार
रमेश नाग की इस इकाई से केवल उनका परिवार ही लाभान्वित नहीं हुआ, बल्कि क्षेत्र के अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। उत्पादन, मशीन संचालन, परिवहन तथा अन्य कार्यों में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिली है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी प्रकार अधिक से अधिक युवा स्वरोजगार योजनाओं का लाभ उठाएं, तो स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे और पलायन में भी कमी आएगी।
PMEGP ने पूरा किया आत्मनिर्भर बनने का सपना
रमेश नाग का कहना है कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम ने उनके आत्मनिर्भर बनने के सपने को साकार कर दिया है। आज वे अपने व्यवसाय से अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को पहले से अधिक मजबूत बना चुके हैं।
उन्होंने अन्य युवाओं से भी अपील की कि वे सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें और स्वरोजगार के अवसरों का लाभ उठाकर स्वयं का व्यवसाय शुरू करें।
सरकारी योजनाओं से बदल रही युवाओं की तस्वीर
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम देशभर में स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल है। इस योजना के माध्यम से युवाओं, महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पात्र लाभार्थियों को उद्योग एवं सेवा क्षेत्र में नए उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक ऋण और मार्जिन मनी अनुदान उपलब्ध कराया जाता है।
जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्रों और बैंकों के समन्वय से पात्र हितग्राहियों को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन तथा वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे प्रदेश में उद्यमिता को नई दिशा मिल रही है।
अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बने रमेश नाग
रमेश नाग की सफलता यह साबित करती है कि इच्छाशक्ति, सही योजना और सरकारी सहयोग के बल पर कोई भी व्यक्ति आत्मनिर्भर बन सकता है। उनकी कहानी बीजापुर सहित पूरे प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा है कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर स्वयं का उद्योग स्थापित करें और रोजगार मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें।
स्वरोजगार आधारित ऐसे प्रयास न केवल व्यक्तिगत आर्थिक विकास को गति देते हैं, बल्कि स्थानीय उद्योगों को मजबूत करने, रोजगार बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के माध्यम से छत्तीसगढ़ में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी लगातार मजबूती मिल रही है।
