कोरबा | 2 जुलाई 2026
कोरबा जिले के खनन प्रभावित गांवों में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) की मदद से विकास को नई रफ्तार मिली है। 180.93 लाख रुपये (करीब ₹1.81 करोड़) की लागत से मुढ़ापार–धतूरा–कोरबी–खम्हरिया मार्ग का नवीनीकरण और सुदृढ़ीकरण किया गया है, जिससे हजारों ग्रामीणों को सालभर बेहतर आवागमन की सुविधा मिल रही है।
4.40 किलोमीटर सड़क का हुआ नवीनीकरण
कलेक्टर कुणाल दुदावत की कार्ययोजना के तहत डीएमएफ निधि से 4.40 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण एवं उन्नयन किया गया। सड़क का निर्माण कार्य 15 अप्रैल 2026 को पूरा हो गया, जिसके बाद क्षेत्र में आवागमन काफी आसान हो गया है।
बरसात में खत्म हुई परेशानी
पहले बारिश के मौसम में सड़क पर कीचड़ और जलभराव होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
नई सड़क बनने से:
- विद्यार्थियों का स्कूल पहुंचना आसान हुआ।
- मरीजों को अस्पताल ले जाने में सुविधा मिली।
- किसान अपनी फसल समय पर बाजार तक पहुंचा पा रहे हैं।
- ग्रामीणों की दैनिक आवाजाही पहले से बेहतर हो गई है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि को मिला लाभ
बेहतर सड़क संपर्क से गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिला है। ग्रामीणों की बाजार, अस्पताल और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंच पहले की तुलना में अधिक सुगम हो गई है।
ग्रामीणों ने जताया आभार
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और डीएमएफ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों पुरानी सड़क समस्या का समाधान होने से उनके जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है।
प्रशासन का कहना है कि डीएमएफ निधि का योजनाबद्ध और जनहितकारी उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
