रायपुर, 29 जून 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सोमवार को राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में थावरचंद गहलोत ने सौजन्य भेंट की। छत्तीसगढ़ प्रवास पर पहुंचे कर्नाटक के राज्यपाल का मुख्यमंत्री ने आत्मीय स्वागत किया। मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री निवास में आयोजित इस शिष्टाचार मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत का पारंपरिक तरीके से स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर की समृद्ध कला और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बस्तर आर्ट स्मृति-चिह्न भेंट किया। यह स्मृति-चिह्न छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और हस्तशिल्प परंपरा का प्रतीक माना जाता है।
बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह भेंट कर किया स्वागत
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत का स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर कला का प्रतीक चिन्ह भेंट किया। बस्तर आर्ट अपनी पारंपरिक धातु शिल्प, हस्तनिर्मित कलाकृतियों और जनजातीय संस्कृति के लिए देशभर में प्रसिद्ध है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और समृद्ध परंपराओं का उल्लेख करते हुए राज्यपाल को प्रदेश की कला विरासत से परिचित कराया।
जनहित और समसामयिक विषयों पर हुई चर्चा
सौजन्य भेंट के दौरान मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों पर आत्मीय चर्चा हुई। बातचीत में जनहित से जुड़े मुद्दों, राज्यों के विकास तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया।
हालांकि बैठक को शिष्टाचार भेंट बताया गया, लेकिन इस दौरान दोनों वरिष्ठ नेताओं ने आपसी सहयोग और विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की।
छत्तीसगढ़ प्रवास पर हैं कर्नाटक के राज्यपाल
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत इन दिनों छत्तीसगढ़ प्रवास पर हैं। इसी दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की। यह मुलाकात सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।
सांस्कृतिक विरासत के माध्यम से दिया सम्मान का संदेश
मुख्यमंत्री द्वारा बस्तर आर्ट का स्मृति-चिह्न भेंट किया जाना छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। राज्य सरकार लगातार प्रदेश की जनजातीय कला, संस्कृति और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री और राज्यपाल की यह सौजन्य भेंट आपसी सहयोग, सम्मान और जनहित के प्रति साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक रही।
