रायपुर, 28 जून 2026। किसानों की आय में वृद्धि, तिलहनी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने और देश को खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार एवं कृषि विभाग लगातार प्रभावी प्रयास कर रहे हैं। इसी क्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले के पेंड्रा विकासखंड के ग्राम कोटमीकला में भारत सरकार की राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन (एनएमईओ) योजना के अंतर्गत चयनित किसानों को उन्नत गुणवत्ता के मूंगफली बीज वितरित किए गए। इस पहल का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर कम लागत में अधिक उत्पादन सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को अधिक आधुनिक, लाभकारी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। कृषि विभाग उन्नत बीज, वैज्ञानिक सलाह, आधुनिक तकनीक और शासकीय योजनाओं का लाभ किसानों तक समय पर पहुंचाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।
25 किसानों को वितरित किए गए उन्नत गुणवत्ता के मूंगफली बीज
ग्राम कोटमीकला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 10 हेक्टेयर प्रदर्शन रकबे के लिए चयनित 25 किसानों को उन्नत गुणवत्ता के मूंगफली बीज वितरित किए गए। कार्यक्रम में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अमित कुमार तंवर, कृषि विकास अधिकारी मधुसूदन, क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी तथा ग्राम पंचायत के सरपंच भंवर सिंह अर्मो उपस्थित रहे।

अधिकारियों ने किसानों को बताया कि प्रमाणित एवं गुणवत्तायुक्त बीजों के उपयोग से फसल की उत्पादकता बढ़ने के साथ-साथ गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार होता है, जिससे किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ मिल सकता है।
आधुनिक खेती की तकनीकों का दिया गया प्रशिक्षण
बीज वितरण के साथ-साथ कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को वैज्ञानिक खेती की आधुनिक तकनीकों की भी विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को बीज उपचार, समय पर बुआई, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण, कीट एवं रोग प्रबंधन, जल संरक्षण तथा फसल की वैज्ञानिक देखभाल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन दिया गया।
साथ ही किसानों को मृदा परीक्षण आधारित खेती अपनाने, कृषि विभाग की तकनीकी सलाह का पालन करने और आधुनिक कृषि पद्धतियों के उपयोग के लिए प्रेरित किया गया, ताकि उत्पादन लागत कम हो और अधिक लाभ प्राप्त किया जा सके।

तिलहनी फसलों का रकबा बढ़ाने पर विशेष जोर
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन का उद्देश्य केवल किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें नवीनतम वैज्ञानिक तकनीकों से जोड़कर तिलहनी फसलों की उत्पादकता बढ़ाना भी है।
अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शन आधारित खेती से अन्य किसान भी प्रेरित होंगे, जिससे क्षेत्र में मूंगफली सहित अन्य तिलहनी फसलों का रकबा बढ़ेगा और आत्मनिर्भर भारत के खाद्य तेल उत्पादन लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।
किसानों ने जताया उत्साह, शासन की पहल की सराहना
कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने शासन और कृषि विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गुणवत्तायुक्त बीजों के साथ तकनीकी मार्गदर्शन मिलने से खेती अधिक लाभकारी बनेगी और उत्पादन में वृद्धि होगी।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की कि वे शासन की कृषि हितैषी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं, उन्नत तकनीकों को अपनाएं और तिलहनी फसलों के उत्पादन में वृद्धि कर अपनी आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ें।
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
राज्य सरकार और कृषि विभाग की यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने, किसानों की आय में वृद्धि करने और कृषि को अधिक वैज्ञानिक एवं लाभकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के माध्यम से तिलहनी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देकर प्रदेश के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और खाद्य तेल के क्षेत्र में देश की मजबूती सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।
