रायपुर | 28 जून 2026
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 135वीं कड़ी जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के साथ सुनी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ आज देश के नेतृत्व और आम जनता के बीच संवाद का एक प्रभावी मंच बन चुका है। यह कार्यक्रम समाज में सकारात्मक सोच, जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण के प्रति लोगों को लगातार प्रेरित कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचार केवल प्रेरणा ही नहीं देते, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन और जनसहभागिता की नई दिशा भी तय करते हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में ‘मन की बात’ जैसी पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
‘मन की बात’ से मिलती है नवाचार और जनभागीदारी को नई पहचान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री प्रत्येक कड़ी में देशभर से जुड़े नवाचारों, सामाजिक अभियानों और प्रेरणादायक प्रयासों को देशवासियों के सामने लाते हैं। इससे विभिन्न राज्यों में हो रहे अच्छे कार्यों को राष्ट्रीय पहचान मिलती है और समाज में सकारात्मक पहल करने वालों का उत्साह बढ़ता है।
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उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ के कई एपिसोड में छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों और नवाचारों का भी उल्लेख किया गया है, जो पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है।

पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने का दिया संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगामी गणेशोत्सव के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए लोगों से मिट्टी से निर्मित भगवान गणेश की प्रतिमाओं की स्थापना करने का आग्रह किया। उन्होंने वर्षा जल की प्रत्येक बूंद के संरक्षण पर भी जोर देते हुए जल संचय को जन-आंदोलन बनाने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा के महत्व पर भी प्रकाश डाला और अधिक से अधिक लोगों से इन योजनाओं का लाभ लेने का आह्वान किया।
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प्रकृति संरक्षण और अंधविश्वास दूर करने के प्रयासों का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने मेघालय के जीवित रूट ब्रिज का उदाहरण देते हुए प्रकृति और मानव के अद्भुत समन्वय की चर्चा की। साथ ही उन्होंने विज्ञान, तर्क और जागरूकता के माध्यम से समाज में फैले अंधविश्वासों को दूर करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
उन्होंने बताया कि असम की महिलाओं द्वारा ‘हरगिला आर्मी’ के माध्यम से दुर्लभ पक्षी हरगिला के संरक्षण और उससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का अभियान जनजागरूकता का प्रेरणादायक उदाहरण है।
खेल, शिक्षा और भारतीय संस्कृति को भी मिली प्रमुखता
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने नागालैंड बेबी लीग और नागालैंड वुमन फुटसाल लीग जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की। इसके साथ ही नालंदा विश्वविद्यालय और सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ाने की पहल का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने डोमिनिकन रिपब्लिक में भारतीय संस्कृति और वैदिक साहित्य के प्रति बढ़ती रुचि तथा मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा में महिलाओं द्वारा प्लास्टिक अपशिष्ट से सार्वजनिक स्थलों को आकर्षक बनाने जैसे नवाचारों को भी देश के सामने प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।
जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने भी सुनी ‘मन की बात’
मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, विधायक गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, सच्चिदानंद उपासने, अखिलेश सोनी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
