रायपुर, 26 जून 2026। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार द्वारा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के अध्ययन और सुझावों के लिए समिति गठित किए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि राज्य में यूसीसी लागू किया गया तो इसका सबसे अधिक प्रभाव प्रदेश के आदिवासी समुदाय और उन्हें प्राप्त विशेष संवैधानिक अधिकारों पर पड़ेगा।
यूसीसी को आदिवासी हितों के खिलाफ बताया
दीपक बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 32 प्रतिशत से अधिक आबादी आदिवासियों की है, जिन्हें संविधान के तहत विशेष संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि राज्य में पेसा कानून और पांचवीं अनुसूची आदिवासी समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए लागू हैं।
उनका आरोप है कि यूसीसी लागू होने की स्थिति में इन संवैधानिक प्रावधानों और विशेष अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
उद्योगपतियों के हित साधने का लगाया आरोप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि बस्तर में नक्सलवाद कम होने के बाद भाजपा समर्थित उद्योगपतियों की नजर आदिवासी क्षेत्रों की जमीनों पर है।
उन्होंने दावा किया कि यूसीसी लागू करने की कवायद आदिवासी हितों को कमजोर कर उद्योगपतियों के हितों को बढ़ावा देने की दिशा में उठाया जा रहा कदम है। कांग्रेस का कहना है कि वर्तमान कानूनों के कारण आदिवासी भूमि का हस्तांतरण प्रतिबंधित है।
सरकार से पूछे चार सवाल
दीपक बैज ने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार से चार प्रमुख सवालों के जवाब मांगे—
- क्या यूसीसी लागू होने के बाद पेसा कानून यथावत रहेगा?
- क्या पांचवीं अनुसूची के तहत पंचायतों को प्राप्त अधिकारों में कोई बदलाव नहीं होगा?
- क्या बैगा, कमार, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, अबूझमाड़िया, भुंजिया और पांडा जैसी विशेष संरक्षित जनजातियों के संवैधानिक अधिकार सुरक्षित रहेंगे?
- क्या आदिवासियों के सामुदायिक भूमि अधिकारों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा?
आदिवासी अधिकारों से समझौता स्वीकार नहीं: कांग्रेस
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार यूसीसी के माध्यम से आदिवासियों के मौलिक और संवैधानिक अधिकारों को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि संविधान द्वारा आदिवासी समुदाय को प्राप्त विशेष संरक्षण में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप कांग्रेस स्वीकार नहीं करेगी।
नोट: यह छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज द्वारा जारी राजनीतिक बयान पर आधारित है। इसमें व्यक्त आरोप, दावे और प्रश्न संबंधित वक्ता के हैं।
