रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कर्मियों के लिए महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए उनकी 33 दिनों की हड़ताल अवधि का पूरा वेतन देने का ऐलान किया है। यह घोषणा रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित एनएचएम कर्मचारी संघ के महासभा सम्मेलन में की गई।
मुख्यमंत्री ने एनएचएम कर्मियों को प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की “रीढ़ की हड्डी” बताते हुए कहा कि दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य कर्मचारियों के हितों और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत बस्तर क्षेत्र की लगभग 90 प्रतिशत आबादी की स्वास्थ्य जांच पूरी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की गई है तथा डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की नियमित भर्ती से स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया गया है।
यह भी पढ़ें: CG Education News : 16 जून से स्कूलों में बदलेगी दिनचर्या, राष्ट्रगान, राज्यगीत……..आगे पढ़ें
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि एनएचएम कर्मियों के लिए स्थानांतरण नीति लागू कर दी गई है। साथ ही कर्मचारियों को कैशलेस उपचार योजना का लाभ भी मिलेगा।
उन्होंने बताया कि एनएचएम कर्मियों के लिए जीवन बीमा सुरक्षा कवच भी प्रदान किया गया है, जिसके तहत सामान्य मृत्यु की स्थिति में 6 लाख रुपये तथा दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 1 करोड़ 40 लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि प्रदेश में नर्सों की भर्ती प्रक्रिया जारी है और 116 नए विशेषीकृत स्वास्थ्य केंद्रों के लिए स्थानों का चयन किया जा चुका है, जिससे स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा।
सम्मेलन के दौरान एनएचएम कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल का स्वागत कर उनका आभार व्यक्त किया।
