रायपुर। जशपुर के ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में अब डिजिटल शिक्षा की नई राह खुलने जा रही है। गांव के बच्चों, युवाओं और महिलाओं को कंप्यूटर और आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण देने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने डिजिटल ट्रांसफॉर्मिंग वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
जशपुर प्रवास के दौरान विश्राम गृह परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने वैन का अवलोकन किया और उसमें उपलब्ध आधुनिक डिजिटल सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने वैन में मौजूद डिजिटल उपकरणों के जरिए ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस कॉल में भी हिस्सा लिया।
एनआईआईटी फाउंडेशन और इंडस टावर्स के संयुक्त सहयोग से शुरू की गई यह पहल जशपुर के गांव-गांव तक डिजिटल शिक्षा पहुंचाने का काम करेगी। खास बात यह है कि इसके लिए ग्रामीणों को किसी बड़े शहर या प्रशिक्षण केंद्र तक जाने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि डिजिटल प्रशिक्षण की सुविधा उनके गांव के आसपास ही उपलब्ध कराई जाएगी।
इस मोबाइल प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से 12 से 60 वर्ष तक के नागरिकों को एक महीने का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें डिजिटल साक्षरता, साइबर सुरक्षा और बेसिक आईटी जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे। प्रशिक्षण के दौरान कंप्यूटर चलाने, इंटरनेट का इस्तेमाल करने और डिजिटल तकनीक को सुरक्षित तरीके से उपयोग करने की जानकारी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में डिजिटल साक्षरता शिक्षा और रोजगार के साथ आत्मनिर्भरता का भी महत्वपूर्ण आधार बन चुकी है। ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को तकनीकी ज्ञान से जोड़ना उन्हें नए अवसरों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है।
इस पहल से खासतौर पर उन ग्रामीण बच्चों, युवाओं और महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिन्हें अब तक आधुनिक तकनीक और कंप्यूटर प्रशिक्षण की पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पाती थीं।
कार्यक्रम में जशपुर विधायक रायमुनि भगत, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। वहीं एनआईआईटी फाउंडेशन और इंडस टावर्स के अधिकारी एवं टीम के सदस्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कुल मिलाकर, डिजिटल ट्रांसफॉर्मिंग वैन जशपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा की पहुंच बढ़ाने और डिजिटल रूप से सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक नई पहल साबित हो सकती है।
