रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक करम परब जशपुर जिले के ग्राम बनगांव में पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। आंचलिक करम पूजा महोत्सव 2026 के समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने करम राजा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। समारोह में जनजातीय संस्कृति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। पारंपरिक वेशभूषा में सजे 6 हजार से अधिक लोगों ने मांदर और ढोल-नगाड़ों की थाप पर सामूहिक नृत्य किया। खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी खुद को रोक नहीं पाए और नर्तक दलों के साथ पारंपरिक नृत्य करते नजर आए।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि करम परब केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति आस्था, सामाजिक एकता और पूर्वजों की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने युवा पीढ़ी से आधुनिक शिक्षा और विकास के साथ अपनी भाषा, लोकगीत, लोकनृत्य और परंपराओं से जुड़े रहने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। ग्राम बनगांव में सामाजिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये और सीसी रोड निर्माण के लिए 20 लाख रुपये देने की घोषणा की। इसके अलावा बनगांव में अखड़ा और सहसपुर में मिनी स्टेडियम निर्माण की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए भगवान बिरसा मुंडा, रानी दुर्गावती, शहीद वीर नारायण सिंह, गुंडाधुर और वीर बुधु भगत जैसे महान नायकों के बलिदान को याद किया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार काम कर रही है। जशपुर में मेडिकल शिक्षा, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और आर्चरी अकादमी जैसी सुविधाओं का विकास इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, उरांव समाज के पदाधिकारी और ग्रामीणजन मौजूद रहे।
करम परब के इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि विकास की राह पर आगे बढ़ते हुए अपनी संस्कृति, परंपरा और प्रकृति से जुड़ाव बनाए रखना बेहद जरूरी है।
