बलरामपुर, 30 सितंबर 2026
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा लेबलिंग के क्षेत्र में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले ने नई पहल की है। जिले में प्रदेश का पहला कॉग्निटिव डेटा एनोटेशन सेंटर स्थापित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य शिक्षित ग्रामीण युवाओं और स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को एआई आधारित रोजगार और आजीविका के नए अवसरों से जोड़ना है।
सेंटर की स्थापना के लिए जिला प्रशासन बलरामपुर-रामानुजगंज और प्रिज्मा एआई के बीच कलेक्ट्रेट में गैर-वित्तीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ आशुतोष चतुर्वेदी, प्रिज्मा एआई के सीईओ डॉ. श्रीराम अय्यर, सीओओ अमिताभ राय चौधरी, सीटीओ विनीत कुमार झा सहित स्व-सहायता समूह की सदस्य सपना और अनुजा मौजूद रहीं।
पायलट चरण में सेंटर की शुरुआत 10 सीटों के साथ की जाएगी। यहां एक प्रशिक्षक और गुणवत्ता पर्यवेक्षक की तैनाती होगी। चयनित प्रतिभागियों को एआई साक्षरता और डिजिटल कौशल के साथ डेटा लेबलिंग, इमेज एवं ऑब्जेक्ट टैगिंग, वर्गीकरण, डेटा सत्यापन और गुणवत्ता समीक्षा का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रतिभागियों की पहचान, छंटनी और चयन के लिए संरचित प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
जिले में स्व-सहायता समूहों से जुड़ी ऐसी महिलाओं की संख्या भी बड़ी है, जिन्होंने 12वीं तक की शिक्षा या स्नातक स्तर की पढ़ाई की है और स्मार्टफोन तथा कंप्यूटर का उपयोग करना जानती हैं। कलेक्टर चंदन त्रिपाठी के अनुसार, यह सेंटर पारंपरिक आजीविका से जुड़ी दीदियों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने में मदद करेगा। स्थानीय स्तर पर रोजगार और नियमित आय के अवसर मिलने से ‘लखपति दीदी’ के लक्ष्य को भी गति देने की उम्मीद है।
MoU के तहत सेंटर के तकनीकी संचालन, प्रशिक्षण, गुणवत्ता पर्यवेक्षण, प्रतिभागियों के पारिश्रमिक एवं प्रोत्साहन राशि तथा इंटरनेट कनेक्टिविटी का खर्च प्रिज्मा एआई द्वारा वहन किया जाएगा। वहीं जिला प्रशासन परिसर और आवश्यक बुनियादी ढांचे की पहचान, हितग्राहियों के चयन, एनआरएलएम एवं कौशल विकास विभागों के साथ समन्वय तथा सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करेगा।
बलरामपुर-रामानुजगंज जैसे जनजातीय बहुल जिले में डिजिटल कौशल और एआई आधारित कार्यों से स्थानीय युवाओं तथा महिलाओं को जोड़ने की यह पहल ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में सामने आई है।
