रायपुर, 01 सितंबर 2026
मरवाही विकासखंड के ग्राम पंचायत गुदुमदेवरी की श्रीमती सीता मरावी आज महिला आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आई हैं। कभी सीमित आमदनी में परिवार की जरूरतें पूरी करने वाली सीता मरावी ने वंदना महिला स्वसहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार की राह अपनाई। शासकीय योजनाओं से मिले आर्थिक सहयोग, समूह के मार्गदर्शन और अपनी मेहनत के बल पर उन्होंने किराना दुकान और मुर्गी पालन का व्यवसाय शुरू किया। आज उनकी वार्षिक आय लगभग 2 से 2.5 लाख रुपये तक पहुंच गई है और वह गांव की ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं।
स्वसहायता समूह से जुड़ने के बाद सीता मरावी को बैंक लोन, सीआईएफ और आरएफ के माध्यम से 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। इस राशि से उन्होंने अपने गांव में किराना दुकान शुरू की। व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए समूह के संकुल से 50 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि प्राप्त हुई, जिसका उपयोग उन्होंने मुर्गी पालन व्यवसाय शुरू करने में किया।
सीता ने दोनों व्यवसायों को पूरी मेहनत, लगन और बेहतर प्रबंधन के साथ आगे बढ़ाया। किराना दुकान से नियमित आमदनी के साथ मुर्गी पालन ने भी उनकी आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। धीरे-धीरे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती गई और परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में उन्हें पहले की तुलना में कहीं अधिक सुविधा मिलने लगी।
स्वसहायता समूह से जुड़ना सीता मरावी के लिए उनके जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। समूह के माध्यम से उन्हें न केवल आर्थिक सहायता मिली, बल्कि व्यवसाय शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन एवं आत्मविश्वास भी मिला। आज वह अपने पैरों पर खड़ी हैं और गांव की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार अपनाने तथा आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
सीता मरावी को महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि का लाभ भी प्राप्त हो चुका है। विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से मिले सहयोग और अपनी मेहनत को उन्होंने आय के स्थायी साधनों में बदलकर आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। उनकी सफलता यह बताती है कि सही अवसर, योजनाओं का सहयोग और निरंतर मेहनत मिलकर ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
सीता मरावी का कहना है कि स्वसहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। आर्थिक सहयोग और मार्गदर्शन मिलने से उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिला और आज वह आत्मनिर्भर होकर परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। अपने जीवन में आए इस बदलाव के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया है।
