रायपुर, 01 सितंबर 2026
बालोद के संयुक्त जिला कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में संवेदनशील प्रशासन और त्वरित जनसमस्या समाधान की तस्वीर सामने आई। जनदर्शन में पहुंचे तीन दिव्यांगजनों की जरूरत को देखते हुए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने उन्हें मौके पर ही ट्राईसिकल प्रदान की। सहायता मिलने से अब उनके लिए आवागमन आसान होने के साथ रोजमर्रा के काम और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। ट्राईसिकल मिलने पर लाभार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा- ‘धन्यवाद विष्णु भैया।’

जनदर्शन के दौरान दिव्यांगजनों की स्थिति और दिव्यांगता के प्रतिशत का परीक्षण करने के बाद उन्हें आवश्यकता के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई गई। डौण्डीलोहारा विकासखंड के ग्राम मनकी सा निवासी सुश्री टुमेश्वरी और ग्राम कोबा निवासी श्रीमती शशिकला को 80 प्रतिशत दिव्यांगता होने पर आधुनिक बैटरी चालित ट्राईसिकल प्रदान की गई। वहीं बालोद विकासखंड के ग्राम तमोरा निवासी श्री राजेश कुमार को 50 प्रतिशत दिव्यांगता के आधार पर सामान्य ट्राईसिकल दी गई।

टुमेश्वरी के लिए बैटरी चालित ट्राईसिकल आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम है। दिव्यांगता के कारण उन्हें आने-जाने के लिए अक्सर पिता या भाई पर निर्भर रहना पड़ता था। वह स्व-सहायता समूह से भी जुड़ी हुई हैं। अब ट्राईसिकल मिलने से वह बैंक आने-जाने के साथ समूह से जुड़े कार्य स्वयं कर सकेंगी। इससे उनकी निर्भरता कम होगी और आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। उन्होंने सहायता के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए कहा- ‘धन्यवाद विष्णु भैया।’
ग्राम कोबा निवासी शशिकला गांव में किराने की छोटी दुकान संचालित करती हैं। दिव्यांगता के कारण दुकान से जुड़े जरूरी सामान की व्यवस्था करने और दूसरे स्थानों तक आने-जाने में उन्हें काफी परेशानी होती थी। कई बार उन्हें दूसरों की मदद लेनी पड़ती थी। बैटरी चालित ट्राईसिकल मिलने के बाद अब उनका आवागमन सुगम होगा और वह अपने व्यवसाय से जुड़े काम अधिक आसानी से कर सकेंगी। शशिकला ने कहा कि प्रशासन की त्वरित सहायता से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और अब वह अपने काम को और बेहतर तरीके से आगे बढ़ा सकेंगी।
जनदर्शन में तत्काल सहायता मिलने से तीनों दिव्यांगजनों के लिए स्वावलंबन और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का रास्ता आसान हुआ है। प्रशासन की इस पहल ने यह संदेश दिया है कि जरूरतमंदों की समस्याओं का संवेदनशीलता और तत्परता से समाधान कर उन्हें योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचाना शासन की प्राथमिकता है।
