कैंसर की जांच, उपचार और अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी
रायपुर, 16 अगस्त 2026। राजधानी रायपुर के पचपेड़ी नाका स्थित रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल परिसर में रविवार को अत्याधुनिक रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कैंसर इंस्टीट्यूट का उद्घाटन किया और यहां उपलब्ध उपचार सुविधाओं एवं अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों को इस नई पहल के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने डॉ. संदीप दवे के भाई स्वर्गीय प्रदीप दवे को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

कैंसर उपचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल पिछले 36 वर्षों से छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ बेहतर उपचार सुविधाएं विकसित करने का संकल्प आज कैंसर इंस्टीट्यूट के रूप में सामने आया है।
उन्होंने कहा कि नए कैंसर इंस्टीट्यूट से आने वाले समय में हजारों-लाखों मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। अब कैंसर मरीजों को एक ही परिसर में जांच, उपचार और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं मिलने का लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े और उन्हें आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं प्रदेश में ही उपलब्ध हों।
शुरुआती जांच से बेहतर हो सकता है कैंसर का उपचार
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कैंसर इंस्टीट्यूट के शुभारंभ को प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि कैंसर सिर्फ मरीज की नहीं, बल्कि पूरे परिवार की पीड़ा होती है।
उन्होंने कैंसर की रोकथाम और समय पर उपचार के लिए नियमित स्क्रीनिंग और शुरुआती जांच पर जोर दिया। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कैंसर की पहचान शुरुआती चरण में होने पर उपचार की संभावनाएं बेहतर होती हैं।

प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का हो रहा विस्तार
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट के शुरू होने से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में एक महत्वपूर्ण नई कड़ी जुड़ी है। इसका लाभ छत्तीसगढ़ के साथ अन्य राज्यों के मरीजों को भी मिल सकेगा।
उन्होंने बताया कि राज्य गठन के समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के बाद अब छत्तीसगढ़ में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। इसके साथ ही सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का भी लगातार विस्तार किया जा रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार बस्तर और बिलासपुर में सुपर स्पेशलिटी सुविधाओं के विस्तार से गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार मिल रहा है। बस्तर में जटिल सर्जरी की सुविधाएं उपलब्ध होने से गंभीर मरीजों को इलाज के लिए रायपुर लाने की आवश्यकता भी कम हुई है।
निजी क्षेत्र की पहल से स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में निजी संस्थानों की ऐसी पहल से प्रदेश में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार को गति मिलेगी। कैंसर इंस्टीट्यूट के शुरू होने से मरीजों को बेहतर उपचार के साथ अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू, चिकित्सक, स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
