रायपुर | 12 अगस्त 2026
बस्तर में राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश लेकर निकली ‘बस्तर तिरंगा यात्रा 2026’ अब सुकमा के दुर्गम और कभी नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे इलाकों तक पहुंचेगी। 13 अगस्त को उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा और वन मंत्री एवं सुकमा जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप भी इस यात्रा में शामिल होंगे।
🇮🇳 नक्सल प्रभावित इलाकों में पहुंचेगा तिरंगा
‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत आयोजित यह मोटरसाइकिल यात्रा बस्तर के उन क्षेत्रों से होकर गुजरेगी, जहां कभी नक्सली हिंसा का प्रभाव रहा है। अब इन्हीं इलाकों में तिरंगे के साथ शांति, सुरक्षा, विकास और राष्ट्रीय एकता का संदेश पहुंचाया जाएगा।
यात्रा का उद्देश्य सिर्फ तिरंगा लेकर गांवों तक पहुंचना नहीं है, बल्कि बस्तर की बदलती तस्वीर को देश और दुनिया के सामने लाना भी है।
सुकमा के इन इलाकों से गुजरेगी यात्रा
13 अगस्त को यात्रा चिंगावरम, सुकमा, एर्राबोर, मनीकोंटा, दोरनापाल, पोलमपल्ली, बुर्कापाल, मिनपा-टाड़मेटला, चिंतलनार, जगरगुंडा, सिलगेर और टेकलगुड़ेम से होकर गुजरेगी।
इसके बाद यात्रा आवापल्ली और बीजापुर पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम किया जाएगा।
बस्तर की नई तस्वीर दिखाने की कोशिश
यात्रा के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि बस्तर अब हिंसा की पहचान से आगे बढ़कर विश्वास, शांति और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
साथ ही नक्सल हिंसा में शहीद हुए जवानों और नागरिकों के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
महिला बाइकर्स भी होंगी शामिल
इस तिरंगा यात्रा में महिला बाइकर्स की विशेष भागीदारी रहेगी। अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में बाइक राइडर तिरंगा लेकर यात्रा में शामिल होंगे।
स्थानीय युवाओं के साथ स्वयंसेवी संगठन, महिला समूह, NCC, NSS, नेहरू युवा केंद्र, स्काउट-गाइड और जनप्रतिनिधि भी यात्रा का हिस्सा बनेंगे।
शहीद स्थलों पर लगाए जाएंगे पौधे
यात्रा के दौरान ‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ अभियान भी चलाया जाएगा। प्रत्येक शहीद स्थल पर शहीद हुए लोगों की संख्या के अनुरूप पौधे लगाने की योजना है।
इसके अलावा युवाओं, विद्यार्थियों और खेल प्रतिभाओं के साथ संवाद कार्यक्रम होंगे। लोगों को नशामुक्ति और साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।
14 अगस्त को होगा यात्रा का समापन
बस्तर तिरंगा यात्रा 12 अगस्त से शुरू होकर 14 अगस्त तक बस्तर के दुर्गम क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। यात्रा का समापन बीजापुर जिले की कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर तिरंगा फहराकर किया जाएगा।
यानी जिन इलाकों में कभी डर और हिंसा का साया था, वहीं अब तिरंगे के साथ शांति, सुरक्षा और विकास का संदेश पहुंचाने की तैयारी है।
