कोरबा। बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाने और उनके बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण को सुनिश्चित करने के लिए सोमवार को कोरबा जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया गया। अभियान के तहत 1 से 19 वर्ष तक के 50 लाख 06 हजार 112 बच्चों और किशोर-किशोरियों को कृमिनाशक दवा एलबेंडाजोल खिलाई गई।
शासकीय साडा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कोरबा में महापौर संजू देवी राजपूत ने बच्चों को एलबेंडाजोल की गोली खिलाकर अभियान की शुरुआत की। कार्यक्रम कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी के नेतृत्व में आयोजित किया गया।
आंगनबाड़ी से स्कूल और कॉलेज तक चला अभियान
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों, शासकीय और निजी स्कूलों, केंद्रीय एवं नवोदय विद्यालयों, मदरसों, महाविद्यालयों और तकनीकी शिक्षा संस्थानों के माध्यम से बच्चों को कृमिनाशक दवा दी गई।
अभियान का उद्देश्य बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाने के साथ एनीमिया की रोकथाम, बेहतर पोषण, शारीरिक एवं बौद्धिक विकास और स्कूलों में नियमित उपस्थिति को बढ़ावा देना है।
उम्र के अनुसार दी गई एलबेंडाजोल की खुराक
स्वास्थ्य विभाग द्वारा बच्चों की उम्र के अनुसार दवा की मात्रा निर्धारित की गई है।
- 1 से 2 वर्ष: आधी गोली चूरा कर पानी के साथ
- 2 से 3 वर्ष: एक पूरी गोली चूरा कर
- 3 से 19 वर्ष: एक पूरी गोली चबाकर पानी के साथ
10 अगस्त को छूटे बच्चों को 17 अगस्त को मिलेगी दवा
जो बच्चे 10 अगस्त को किसी कारणवश एलबेंडाजोल की दवा लेने से वंचित रह गए हैं, उन्हें 17 अगस्त को मॉप-अप दिवस के दौरान दवा खिलाई जाएगी।
महापौर संजू देवी राजपूत ने बच्चों को नियमित रूप से हाथ धोने, स्वच्छ एवं सुरक्षित भोजन करने और साफ पानी पीने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण के लिए कृमि संक्रमण से बचाव बेहद जरूरी है।
महापौर, कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने अभिभावकों से अपील की है कि जो बच्चे आज दवा लेने से छूट गए हैं, उन्हें 17 अगस्त के मॉप-अप दिवस पर एलबेंडाजोल की दवा जरूर दिलाएं।
स्वस्थ बचपन के लिए चलाए जा रहे इस अभियान का लक्ष्य जिले के प्रत्येक पात्र बच्चे तक कृमिनाशक दवा पहुंचाना है, ताकि बच्चों का स्वास्थ्य, पोषण और विकास बेहतर हो सके।
