बलरामपुर। जिले के वाड्राफनगर विकासखंड अंतर्गत प्रेमनगर स्थित मुख्यमंत्री डीएवी पब्लिक स्कूल में दो छात्रों के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। छात्रों और परिजनों ने कुछ शिक्षकों पर मामूली विवाद के बाद दोनों बच्चों को कमरे में बुलाकर क्रिकेट स्टंप से मारपीट करने का आरोप लगाया है। मामले की जानकारी सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने संज्ञान लेते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी को टीम गठित कर निष्पक्ष जांच करने और तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
कमरे में बुलाकर पिटाई करने का आरोप
परिजनों के अनुसार, दोनों छात्रों को स्कूल में मामूली विवाद के बाद कमरे में बुलाया गया। आरोप है कि वहां शिक्षकों ने बच्चों के साथ मारपीट की। परिजनों का दावा है कि कथित पिटाई के बाद बच्चों की पीठ पर चोट के निशान और सूजन दिखाई दी।
घटना के बाद दोनों छात्र कथित तौर पर डरे-सहमे घर पहुंचे। शुरुआत में बच्चों ने घटना के बारे में कुछ नहीं बताया, लेकिन परिजनों द्वारा पूछे जाने पर उन्होंने पूरी घटना की जानकारी दी।
परिजनों ने संबंधित शिक्षकों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है।
छात्रों ने बताई घटना की अपनी बात
छात्र सौरभ पटेल के अनुसार, वे तीन दोस्त घर जाते समय बस में आपस में मजाक कर रहे थे। इसी दौरान एक दोस्त नाराज हो गया और घर जाकर इसकी जानकारी दी। सौरभ के मुताबिक, अगले दिन स्कूल में उन्हें बुलाया गया और लंच के समय दो शिक्षकों ने उन्हें कमरे में बुलाकर मारपीट की।
वहीं छात्र आदित्य जायसवाल ने बताया कि दोस्तों के बीच विवाद हुआ था। अगले दिन शिक्षकों ने उन्हें बुलाकर डांट-फटकार लगाई और भेज दिया। आदित्य के मुताबिक, इसके बाद लंच के समय दोबारा उन्हें कमरे में बुलाया गया, जहां उनके साथ मारपीट की गई।
बच्चों को धमकी देने का भी आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया है कि कथित मारपीट के बाद बच्चों को घटना की जानकारी घर पर नहीं देने की धमकी भी दी गई। बच्चों द्वारा बताए गए इस कथित घटनाक्रम को लेकर परिजनों में नाराजगी है।
हालांकि, पूरे मामले में शिक्षकों का पक्ष और घटना की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मीडिया के माध्यम से मामला संज्ञान में आया : DEO
जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने बताया कि मामला मीडिया के माध्यम से उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया है।
DEO के मुताबिक, जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि वास्तव में क्या घटनाक्रम हुआ था और इसमें कौन-कौन जिम्मेदार है।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी स्थिति स्पष्ट
मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी को टीम गठित कर निष्पक्ष जांच करने और तत्काल जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
अब जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और घटना में यदि किसी की जिम्मेदारी सामने आती है तो उसके खिलाफ विभाग की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।
