रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) जरूरतमंद परिवारों के लिए केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन का मजबूत आधार बन रही है। मुंगेली जिले के जनपद पंचायत पथरिया अंतर्गत ग्राम पंचायत संकरा की हितग्राही कौशिल्या बाई की कहानी इस योजना की सफलता का प्रेरणादायक उदाहरण है।
कच्चे और जर्जर मकान में बीत रहा था जीवन
कुछ समय पहले तक कौशिल्या बाई अपने परिवार के साथ एक कच्चे और जर्जर मकान में रहने को मजबूर थीं। बरसात के मौसम में छत से पानी टपकता था और हर मौसम में परिवार को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उनके लिए स्वयं पक्का मकान बनाना संभव नहीं था।
योजना से मिला पक्का घर बनाने का अवसर
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की जानकारी मिलने के बाद कौशिल्या बाई ने आवेदन किया। पात्रता के आधार पर उनका चयन हुआ और योजना के तहत स्वीकृति मिलने के बाद किस्तों की राशि प्राप्त होते ही उन्होंने अपने नए पक्के मकान का निर्माण शुरू कराया।
स्थानीय प्रशासन और ग्राम पंचायत के मार्गदर्शन में निर्माण कार्य समय पर पूरा हुआ।
अब सुरक्षित और सम्मानजनक घर में रह रहा परिवार
आज कौशिल्या बाई का परिवार सुरक्षित, स्वच्छ और पक्के मकान में रह रहा है। अब उन्हें बरसात में छत टपकने या अन्य असुविधाओं की चिंता नहीं रहती।
उनका नया घर परिवार के लिए सुरक्षा, आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद बनकर सामने आया है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का जताया आभार
कौशिल्या बाई ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके परिवार का जीवन पूरी तरह बदल दिया है।
उन्होंने कहा कि उनका वर्षों पुराना पक्के घर का सपना अब साकार हो चुका है और उनके बच्चों को भी सुरक्षित एवं बेहतर वातावरण मिल रहा है।
जरूरतमंद परिवारों के लिए बन रही उम्मीद की किरण
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का उद्देश्य प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है।
कौशिल्या बाई की सफलता की यह कहानी अन्य जरूरतमंद परिवारों के लिए भी प्रेरणा है कि वे शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेकर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
