चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मकता, 19 सितंबर तक जारी रहेंगी विद्यालय स्तर की गतिविधियां
रायपुर, 18 सितंबर 2026
जशपुर जिले के लगभग 2600 विद्यालयों में इन दिनों ‘स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ का संदेश विद्यार्थियों की रचनात्मक अभिव्यक्ति के जरिए सामने आ रहा है। विद्यालय स्तर पर आयोजित चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताओं में बच्चे स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, स्वस्थ जीवनशैली, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर अपने विचार और कल्पनाएं प्रस्तुत कर रहे हैं। विद्यालय स्तर की ये गतिविधियां 19 सितंबर 2026 तक जारी रहेंगी।

चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने स्वच्छ विद्यालय और गांव-शहर से लेकर कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक मुक्त वातावरण, हरित पर्यावरण और जल संरक्षण जैसे विषयों को चित्रों के माध्यम से उकेरा। रंगों और कल्पनाशीलता के जरिए बच्चों ने स्वच्छ एवं सुंदर भारत को लेकर अपनी परिकल्पना सामने रखी।
भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने स्वच्छता के महत्व और विकसित भारत के निर्माण में नागरिकों की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक स्वच्छता, कचरे का उचित निपटान, स्वच्छ पेयजल, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को दैनिक जीवन की आदत बनाने जैसे विषयों पर बच्चों ने अपनी बात रखी।

विद्यालयों में आयोजित इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल रचनात्मक अभिव्यक्ति का मंच देना ही नहीं, बल्कि उनमें सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण की भावना को भी मजबूत करना है। विद्यार्थियों को स्वच्छता को किसी एक अभियान तक सीमित न रखते हुए इसे दैनिक जीवन की आदत और सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों में स्वच्छता संस्कार और पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से स्वच्छता और जागरूकता का संदेश उनके परिवारों और समुदायों तक पहुंचाने के लिए भी सकारात्मक वातावरण तैयार हो रहा है।
जिले के विभिन्न विद्यालयों में प्रतियोगिताओं को लेकर विद्यार्थियों और शिक्षकों में उत्साह देखा जा रहा है। शिक्षक बच्चों को विषय की समझ विकसित करने, रचनात्मक सोच को बढ़ावा देने और स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने में सहयोग कर रहे हैं।
‘स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ थीम पर चल रही ये गतिविधियां विद्यालय स्तर से ही जिम्मेदार नागरिकता की भावना को मजबूत करने का प्रयास हैं। बच्चों की चित्रों और विचारों के जरिए स्वच्छ, स्वस्थ, जागरूक और विकसित भारत की परिकल्पना समाज तक पहुंच रही है।
