रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार पर्यटन, जनजातीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को जोड़ते हुए विकास का नया मॉडल तैयार कर रही है। इसी दिशा में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के राजमेरगढ़ और कबीर चबूतरा को पर्यटन, धार्मिक आस्था और जनजातीय विरासत के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की कवायद तेज हो गई है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले के कलेक्टर विजय दयाराम के. ने राजमेरगढ़, कबीर चबूतरा, अगरियापारा, छोटकीरेवार और केवची क्षेत्र का निरीक्षण कर विकास कार्यों की समीक्षा की।
बैगा होम-स्टे से मिलेगा रोजगार, बढ़ेगा ग्रामीण पर्यटन
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने राजमेरगढ़ में बैगा समुदाय के पारंपरिक आवासों को होम-स्टे के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।
इस पहल से पर्यटकों को जनजातीय जीवन, संस्कृति, खान-पान और परंपराओं को करीब से जानने का अवसर मिलेगा, वहीं स्थानीय परिवारों के लिए आय और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
इसके अलावा प्राकृतिक ट्रेकिंग मार्गों को साहसिक पर्यटन के अनुरूप विकसित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि यह क्षेत्र एडवेंचर टूरिज्म का नया आकर्षण बन सके।
कबीर चबूतरा में श्रद्धालुओं की सुविधाएं होंगी बेहतर
कलेक्टर ने प्रमुख धार्मिक स्थल कबीर चबूतरा का निरीक्षण कर श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की।
उन्होंने सोलर ड्यूल पंप का निर्माण जल्द पूरा करने, सामुदायिक शौचालय विकसित करने और श्रावण माह सहित विशेष अवसरों पर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान चरण कुंड, कबीर वट और अन्य ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण और उनके महत्व पर भी चर्चा की गई।
वन धन केंद्र और जनजातीय उत्पादों को मिलेगा नया बाजार
अगरियापारा स्थित बहुउद्देशीय केंद्र में कलेक्टर ने वन धन केंद्र के संचालन के लिए अलग कक्ष उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि लघु वनोपज आधारित उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने से जनजातीय समुदाय की आय बढ़ेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
केवची में बनेगा जनजातीय संग्रहालय
निरीक्षण के दौरान केवची में प्रस्तावित जनजातीय संग्रहालय के लिए उपयुक्त स्थल का भी अवलोकन किया गया।
यह संग्रहालय बैगा सहित अन्य जनजातीय समुदायों की संस्कृति, इतिहास, लोककला और पारंपरिक जीवनशैली को संरक्षित करने के साथ-साथ पर्यटन का प्रमुख आकर्षण बनेगा।
पर्यटन के साथ गांवों तक पहुंचेगा विकास
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यटन विकास के साथ स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों को स्थायी रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल सकें।
राज्य सरकार का लक्ष्य प्राकृतिक पर्यटन, धार्मिक स्थलों और जनजातीय विरासत के संरक्षण के साथ स्थानीय संसाधनों को ग्रामीण समृद्धि का आधार बनाना है। राजमेरगढ़ और कबीर चबूतरा में शुरू की गई ये पहलें पर्यटन के साथ-साथ क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।
