रायपुर। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड के सुदूर वनांचल स्थित ग्राम कामापेदागुड़ा में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विपरीत परिस्थितियों में जनसेवा की अनूठी मिसाल पेश की। घनघोर अंधेरा, लगातार बारिश और बिजली नहीं होने के बावजूद स्वास्थ्य कर्मी टॉर्च और मोबाइल की रोशनी के सहारे घर-घर पहुंचे और पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान भारत तथा वय वंदन योजना के कार्ड बनाकर स्वास्थ्य सुरक्षा का भरोसा दिया।
एक रात में बने 17 कार्ड
विशेष अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक ही रात में 15 आयुष्मान कार्ड और 2 वय वंदन योजना के कार्ड तैयार किए। टीम उन परिवारों तक पहुंची, जो लंबे समय से इलाज के खर्च की चिंता से जूझ रहे थे।
इस पहल ने साबित किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
‘अब इलाज के खर्च की चिंता नहीं’
आयुष्मान कार्ड प्राप्त करने वाली हितग्राही संध्या पंडो ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम रात में उनके घर पहुंची और उनका आयुष्मान कार्ड बनाकर दिया।
उन्होंने कहा कि अब इलाज के खर्च की चिंता नहीं रहेगी। यह कार्ड उनके परिवार के लिए कठिन समय में स्वास्थ्य सुरक्षा और आर्थिक राहत का आधार बनेगा।
दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रही स्वास्थ्य योजनाएं
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब सुकमा जैसे दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों तक पहुंच रहा है।
जिले में 2 लाख 51 हजार 722 पात्र हितग्राहियों के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 2 लाख 4 हजार 944 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। शेष 46 हजार 767 पात्र हितग्राहियों को भी योजना से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
कठिन हालात भी नहीं रोक सके जनसेवा
कामापेदागुड़ा की यह पहल दिखाती है कि जब प्रशासन की मंशा मजबूत हो और कर्मचारी पूरी निष्ठा से कार्य करें, तो अंधेरी रात, मूसलाधार बारिश और दुर्गम रास्ते भी जनसेवा के संकल्प को नहीं रोक सकते। स्वास्थ्य विभाग का यह अभियान दूरस्थ ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का नया भरोसा बनकर सामने आया है।
