रायपुर। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने राष्ट्रपति भवन में बस्तर पंडुम-2026 के विजेता प्रतिभागियों, मांझी-चालकी, पद्मश्री सम्मानित विभूतियों और जनजातीय प्रतिनिधियों को मिले सम्मान को पूरे छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि इस सम्मान ने प्रदेश की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है।
राष्ट्रपति का आत्मीय स्वागत जनजातीय संस्कृति के सम्मान का प्रतीक
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा राष्ट्रपति भवन में बस्तर के जनजातीय प्रतिनिधियों का आत्मीय स्वागत और सम्मान भारतीय संस्कृति की संवेदनशीलता और आदिवासी समाज के प्रति सम्मान का सशक्त संदेश है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्वारा स्वयं अतिथियों का स्वागत करना और उन्हें भोजन परोसकर सम्मानित करना भारतीय परंपरा की आत्मीयता का अनुपम उदाहरण है।
‘बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को मिला राष्ट्रीय मंच’
ओपी चौधरी ने कहा कि राष्ट्रपति भवन में पहली बार बस्तर की पारंपरिक जनजातीय संस्कृति, वेशभूषा, लोक परंपराओं और गौरवशाली विरासत का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला। यह केवल बस्तर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा बस्तर दशहरा और बस्तर पंडुम में शामिल होने की इच्छा व्यक्त करना बस्तर की सांस्कृतिक पहचान के लिए अत्यंत सम्मानजनक है। इससे प्रदेश की जनजातीय परंपराओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बढ़ाया प्रदेश का मान
वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का राष्ट्रपति भवन पहुंचना और बस्तर की लगभग 300 वर्ष पुरानी लोकगाथा ‘झिटकू-मिटकी’ पर आधारित कलाकृति राष्ट्रपति को भेंट करना छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने कहा कि बस्तर की लोक संस्कृति, जनजातीय परंपराएं और सामाजिक जीवन प्रदेश की अमूल्य धरोहर हैं। इनका संरक्षण और संवर्धन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
विजेता प्रतिभागियों और जनजातीय प्रतिनिधियों को दी बधाई
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इस ऐतिहासिक अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बस्तर पंडुम-2026 के सभी विजेता प्रतिभागियों, मांझी-चालकी, पद्मश्री सम्मानित विभूतियों और जनजातीय प्रतिनिधियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मिला यह सम्मान प्रदेश के कलाकारों, जनजातीय समाज और युवाओं के लिए नई प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
