रायपुर। मानसून की शुरुआत के साथ ही बिजली से जुड़े हादसों का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) ने आम नागरिकों के लिए विशेष सुरक्षा एडवाइजरी जारी करते हुए बारिश के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है। कंपनी ने कहा है कि थोड़ी-सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मरों, हाईटेंशन (HT) लाइनों और टूटे हुए तारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
बारिश में क्यों बढ़ जाता है करंट का खतरा?
विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के दौरान पानी बिजली का अच्छा संवाहक बन जाता है। यदि कोई बिजली का तार टूटकर जमीन, सड़क, खेत या जलभराव वाले क्षेत्र में गिर जाए तो आसपास का पानी भी करंट की चपेट में आ सकता है। ऐसे में अनजाने में वहां से गुजरना गंभीर हादसे का कारण बन सकता है।
बिजली कंपनी ने दी ये अहम सलाह
CSPDCL ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान इन बातों का विशेष ध्यान रखें—
- बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मरों और HT लाइनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
- टूटे हुए बिजली के तार दिखाई दें तो उनके पास बिल्कुल न जाएं।
- जलभराव वाले स्थानों पर जहां बिजली के उपकरण या तार हों, वहां चलने से बचें।
- गीले हाथ या पैरों से किसी भी विद्युत उपकरण को न छुएं।
- बिजली के उपकरण चलाते समय रबर या प्लास्टिक के जूते-चप्पल पहनें।
- बच्चों को बिजली के खंभों और तारों के आसपास खेलने न दें।
अगर बिजली का तार टूटा मिले तो क्या करें?
बिजली कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यदि कहीं बिजली का तार टूटकर गिरा हुआ दिखाई दे तो—
- उससे पर्याप्त दूरी बनाए रखें।
- किसी भी स्थिति में तार को हाथ न लगाएं।
- आसपास के लोगों को भी वहां जाने से रोकें।
- तुरंत टोल-फ्री नंबर 1912 पर सूचना दें।
- या ‘मोर बिजली’ ऐप अथवा निकटतम बिजली वितरण केंद्र में शिकायत दर्ज कराएं।
इन गलतियों से बचना बेहद जरूरी
बिजली विभाग ने कुछ ऐसी गलतियों से बचने की भी सलाह दी है, जो अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं—
- बिजली के खंभों या स्टे वायर पर कपड़े न सुखाएं।
- बिजली के तारों से हुकिंग कर अवैध कनेक्शन न लें।
- खेतों की बाड़ या कांटेदार तारों में बिजली प्रवाहित न करें।
- कटे-फटे तारों से अस्थायी कनेक्शन न बनाएं।
- बिजली की लाइन के नीचे स्थायी या अस्थायी निर्माण न करें।
- किसी भी खराबी को स्वयं ठीक करने का प्रयास न करें।
यदि कोई व्यक्ति करंट की चपेट में आ जाए तो क्या करें?
बिजली कंपनी ने प्राथमिक उपचार के लिए भी महत्वपूर्ण सलाह दी है—
- सबसे पहले मुख्य बिजली सप्लाई बंद करें।
- यदि संभव न हो तो सूखी लकड़ी, सूखी रस्सी या सूखे कपड़े की सहायता से पीड़ित को बिजली के स्रोत से अलग करें।
- सीधे हाथ से छूने की गलती बिल्कुल न करें।
- पीड़ित को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर प्राथमिक उपचार दें।
- जरूरत पड़ने पर कृत्रिम श्वास (CPR) दें और तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं।
1912 पर करें शिकायत
बिजली आपूर्ति बाधित होने या किसी तकनीकी खराबी की स्थिति में उपभोक्ता टोल-फ्री नंबर 1912, ‘मोर बिजली’ ऐप या निकटतम जोन कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
बिजली कर्मियों को सहयोग करने की अपील
बिलासपुर क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक ए.के. अंबस्थ ने कहा कि आंधी, तूफान और बारिश के दौरान बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे समय में कर्मचारी प्रतिकूल परिस्थितियों में लगातार फॉल्ट सुधार का कार्य करते हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि बिजली आपूर्ति बाधित होने पर घबराने के बजाय कुछ समय प्रतीक्षा करें और आवश्यकता पड़ने पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही सुधार कार्य के दौरान बिजली कर्मियों का सहयोग करें और विद्युत उपकरणों से छेड़छाड़ न करें।
