रायपुर, 4 जुलाई 2026। खरीफ सीजन के दौरान किसानों को निर्धारित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने कालाबाजारी, जमाखोरी और अवैध भंडारण के खिलाफ सख्त अभियान शुरू किया है। कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन की संयुक्त उड़नदस्ता टीमें प्रदेशभर में लगातार औचक निरीक्षण और छापामार कार्रवाई कर रही हैं।
इसी क्रम में बेमेतरा जिले में जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 275 बोरी अवैध रूप से भंडारित यूरिया जब्त किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
गोपनीय सूचना पर हुई कार्रवाई, 275 बोरी यूरिया जब्त
जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल ने गोपनीय सूचना के आधार पर देवकर तहसील के ग्राम जानो में अँजोर वर्मा के परिसर में औचक निरीक्षण किया।
जांच के दौरान उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए 275 बोरी यूरिया अवैध रूप से भंडारित पाया गया। अधिकारियों ने मौके पर संपूर्ण उर्वरक स्टॉक को विधिवत जब्त कर लिया।
संबंधित व्यक्ति को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है। प्राप्त जवाब के परीक्षण के बाद नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
गुणवत्ता जांच के लिए भेजे जाएंगे नमूने
कृषि विभाग ने बताया कि जब्त किए गए उर्वरकों के नमूने अधिकृत प्रयोगशाला में गुणवत्ता परीक्षण के लिए भेजे जा रहे हैं।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तायुक्त उर्वरक ही उपलब्ध कराए जाएं और नकली या निम्न गुणवत्ता वाले उर्वरकों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
कालाबाजारी और जमाखोरी पर जारी रहेगा अभियान
बेमेतरा जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन के दौरान कालाबाजारी, जमाखोरी, अवैध भंडारण और निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक बिक्री करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
यदि कोई निजी कृषि केंद्र, विक्रेता या सहकारी संस्था अनियमितता करते हुए पाई जाती है तो उसके विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस में एफआईआर दर्ज कर प्रकरण न्यायालय में भी प्रस्तुत किया जाएगा।
किसानों के हित सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रशासन ने कहा है कि किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी परिस्थिति में उर्वरकों की कृत्रिम कमी पैदा करने, जमाखोरी करने या निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इसके लिए पूरे जिले में लगातार निगरानी रखी जा रही है और शिकायत मिलने पर बिना पूर्व सूचना के तत्काल जांच एवं छापामार कार्रवाई की जाएगी।
किसानों से सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने किसानों और आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, अधिक कीमत पर बिक्री या अन्य किसी प्रकार की अनियमितता की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग या जिला प्रशासन को दें।
प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी तथा प्राप्त सूचना पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
खरीफ सीजन में पारदर्शी उर्वरक वितरण पर विशेष फोकस
राज्य सरकार और जिला प्रशासन का यह अभियान किसानों को समय पर उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने तथा कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लगातार हो रही कार्रवाई से कालाबाजारी और जमाखोरी में शामिल लोगों पर प्रभावी अंकुश लगाने की कोशिश की जा रही है।
