बलरामपुर-रामानुजगंज , 3 जुलाई 2026। प्रदेश में दिव्यांग बच्चों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विशेष यूडीआईडी (UDID) अभियान के तहत बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में महत्वपूर्ण पहल की गई। इसी क्रम में जिला अस्पताल परिसर में विशेष यूडीआईडी कैंप का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए गए।
यह पहल दिव्यांग बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और पुनर्वास सेवाओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कलेक्टर के निर्देशन में आयोजित हुआ विशेष शिविर
कलेक्टर के मार्गदर्शन में आयोजित इस विशेष शिविर का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों के लिए विशिष्ट पहचान पत्र (UDID कार्ड) तैयार करना था, ताकि उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ समय पर और बिना किसी बाधा के मिल सके।
शिविर में जिले के विभिन्न विकासखंडों से दिव्यांग बच्चे पहुंचे और उनका विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
57 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर जारी हुए प्रमाण पत्र
जिला चिकित्सालय में आयोजित इस शिविर में कुल 57 बच्चों का विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक चिकित्सकीय मूल्यांकन किया गया। परीक्षण के बाद पात्र पाए गए सभी बच्चों को नियमानुसार दिव्यांगता प्रमाण पत्र और यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड जारी किए गए।

इस प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और मानक चिकित्सा मूल्यांकन के आधार पर संपन्न किया गया, ताकि किसी भी पात्र लाभार्थी को योजना से वंचित न रहना पड़े।
यूडीआईडी कार्ड से मिलेगा योजनाओं का सीधा लाभ
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि यूडीआईडी कार्ड दिव्यांग बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण पहचान दस्तावेज है। इसके माध्यम से उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं, उपचार सुविधाओं और पुनर्वास सेवाओं का लाभ आसानी से प्राप्त हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था दिव्यांगजनों के लिए एकीकृत पहचान प्रणाली के रूप में कार्य करती है, जिससे उन्हें अलग-अलग दस्तावेजों की आवश्यकता नहीं पड़ती।
सरकार का उद्देश्य—समावेशी और सशक्त समाज का निर्माण
अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के सामाजिक समावेशन, सशक्तिकरण और जीवन गुणवत्ता में सुधार के लिए लगातार प्रयासरत है। ऐसे शिविरों के माध्यम से लाभार्थियों को सीधे योजनाओं से जोड़ा जा रहा है और उन्हें समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
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इस पहल से न केवल बच्चों को पहचान मिली है, बल्कि उनके भविष्य को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में भी एक मजबूत कदम उठाया गया है।
पारदर्शी प्रक्रिया से बढ़ा भरोसा
शिविर में अपनाई गई पारदर्शी प्रक्रिया और त्वरित दस्तावेज वितरण से अभिभावकों में संतोष देखा गया। लोगों ने कहा कि इस तरह के शिविरों से दूरस्थ क्षेत्रों के दिव्यांग बच्चों को भी सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है।
यह पहल प्रदेश में दिव्यांग कल्याण की दिशा में एक सकारात्मक और प्रभावी कदम के रूप में देखी जा रही है।
