रायपुर |
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने सोमवार को रायपुर तहसील कार्यालय और नवीन संभाग आयुक्त कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। मंत्री के अचानक पहुंचने से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान राजस्व मामलों के निराकरण में धीमी गति और कार्यालय व्यवस्था में कई खामियां सामने आईं, जिस पर मंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाई।
मंत्री ने नामांतरण, त्रुटि सुधार, सीमांकन, बंटवारा और डायवर्सन जैसे मामलों में हो रही देरी पर गहरी नाराजगी जताई। खासतौर पर डायवर्सन प्रकरणों की धीमी प्रगति को लेकर SDM रायपुर को कड़े निर्देश दिए गए। उन्होंने साफ कहा कि जनता से जुड़े मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना स्वीकार नहीं किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने तहसील कार्यालय की विभिन्न शाखाओं — भुइयां शाखा, कानूनगो शाखा, WBN शाखा और मालजमादार शाखा का भी जायजा लिया। साथ ही तहसीलदार और नायब तहसीलदार न्यायालयों की कार्यवाही की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि राजस्व कोर्ट में नियमित सुनवाई हो और लोगों को बार-बार तारीख देकर परेशान न किया जाए।
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कार्यालय परिसर में साफ-सफाई और फाइलों के अव्यवस्थित रखरखाव पर भी मंत्री ने असंतोष जताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यालय में स्वच्छ वातावरण, बेहतर बैठने की व्यवस्था और दस्तावेजों का व्यवस्थित संधारण सुनिश्चित किया जाए।
इस दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि तहसील में दर्ज कुल 65,390 मामलों में से 64,702 का निराकरण किया जा चुका है, जबकि 688 मामले लंबित हैं। इस पर मंत्री ने सभी लंबित मामलों को तय समय-सीमा में शून्य करने का लक्ष्य दिया।
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निरीक्षण के दौरान मंत्री टंक राम वर्मा ने आम लोगों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं और मौके पर मौजूद अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने नवीन संभाग आयुक्त कार्यालय पहुंचकर लंबित राजस्व मामलों की समीक्षा की और संभाग स्तर पर कार्यों की प्रगति का स्पष्ट रोडमैप तैयार करने को कहा।
