प्रबंधन ने अनुशासन और शिक्षा गुणवत्ता पर जोर दिया
Raipur।
राजधानी रायपुर स्थित सालेम इंग्लिश स्कूल में शिक्षकीय और गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। स्कूल प्रबंधन ने 28 कर्मचारियों को सेवा नियमों के उल्लंघन, अनुशासनहीनता और संस्था विरोधी गतिविधियों के आरोप में हटाने की जानकारी दी है।
प्रबंधन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि पिछले कई महीनों से कुछ कर्मचारियों की गतिविधियों के कारण विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण, बच्चों की पढ़ाई और संस्था की छवि प्रभावित हो रही थी।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार अभिभावकों और विद्यार्थियों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ शिक्षक नियमित पढ़ाई नहीं करा रहे थे, कक्षाओं के दौरान मोबाइल फोन और सोशल मीडिया में व्यस्त रहते थे तथा समय पर पाठ्यक्रम पूरा नहीं किया जा रहा था।

प्रबंधन ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ कर्मचारियों द्वारा विद्यालय प्रबंधन और संस्था के खिलाफ भ्रामक जानकारी फैलाकर माहौल प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि संस्था से जुड़े मामले में पहले रजिस्ट्रार फर्म्स एवं सोसायटी के आदेश को चुनौती दी गई थी। बाद में शासन के निर्देश पर जिला कलेक्टर, रायपुर को प्रशासक नियुक्त किया गया।
प्रबंधन के अनुसार 27 मार्च 2026 को निष्पक्ष और वैधानिक चुनाव के बाद नई प्रबंधन समिति का गठन हुआ, जिसे संस्था संचालन का अधिकार प्राप्त है।
“बच्चों के भविष्य से समझौता नहीं”
विद्यालय प्रबंधन ने अपने बयान में कहा: “शिक्षा का मंदिर राजनीति, अराजकता और व्यक्तिगत स्वार्थ का स्थान नहीं हो सकता। जहां बच्चों का भविष्य दांव पर हो, वहां अनुशासन और शिक्षण गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।”
प्रबंधन का कहना है कि संबंधित कर्मचारियों को सुधार के लिए मौखिक निर्देश, मेमो, चेतावनी पत्र और कारण बताओ नोटिस भी दिए गए थे, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
CDBE ने अन्य स्कूलों से भी की अपील
छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ एजुकेशन (CDBE) ने प्रदेश के अन्य स्कूल प्रबंधन से भी अपील की है कि किसी भी कर्मचारी की नियुक्ति से पहले सेवा रिकॉर्ड, आचरण विवरण और NOC की जांच अवश्य करें।
बोर्ड का कहना है कि बिना सत्यापन नियुक्तियां भविष्य में संस्थाओं के लिए गंभीर समस्या बन सकती हैं।
संस्था को बदनाम करने के प्रयासों से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट में दायर जमानत निरस्तीकरण याचिका खारिज कर दी गई थी।
हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
