प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से बदली सरईगहना के दिव्यांग हीरा साय के परिवार की तस्वीर, पक्का घर मिलने पर छलकी खुशी
रायपुर, 18 सितंबर 2026
सरगुजा के ग्राम सरईगहना में एक पक्का घर एक परिवार के लिए सिर्फ मकान नहीं, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत बनकर सामने आया है। जर्जर कच्चे मकान, आर्थिक परेशानियों और पति की दिव्यांगता के बीच जीवन गुजार रहे हीरा साय और उनकी पत्नी मीना बाई के परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पक्का आवास मिला है। सेवा संकल्प अभियान के तहत सरगुजा सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने परिवार के नए घर पहुंचकर ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्ज्वलित किया।

पक्का आवास मिलने की खुशी में श्रीमती मीना बाई भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका भी अपना पक्का घर होगा। परिवार की कठिन परिस्थितियों और पति की दिव्यांगता के बीच उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन अब नए घर के साथ परिवार को बेहतर भविष्य की उम्मीद मिली है।
लगभग 47 वर्षीय मीना बाई सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार को संभालने के लिए लगातार मेहनत कर रही हैं। वे स्व-सहायता समूह से जुड़ी हैं और बकरी पालन के साथ आंगनबाड़ी केंद्र में रसोइया के रूप में भी काम करती हैं। इन गतिविधियों के जरिए वे परिवार की आय में अपना योगदान दे रही हैं।

‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्ज्वलित करते हुए सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने कहा कि सरकार आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजनाओं के माध्यम से आवास और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का उद्देश्य उन्हें सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन का आधार देना है।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत मिला पक्का घर मीना बाई के परिवार के लिए लंबे समय से चली आ रही आवास संबंधी परेशानी का समाधान लेकर आया है। नए घर में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर परिवार की खुशहाली और उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

मीना बाई के परिवार की कहानी यह भी दिखाती है कि किसी परिवार के लिए सुरक्षित आवास का मिलना उसके जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकता है। जर्जर कच्चे मकान से पक्के आशियाने तक का यह सफर अब परिवार को आने वाले दिनों के लिए नई उम्मीद और आत्मविश्वास दे रहा है।
