उच्च शिक्षा विभाग की पहल, दूरस्थ अंचलों के विद्यार्थियों को रोजगार और उच्च शिक्षा के अवसरों के लिए तैयार करने पर जोर
रायपुर, 18 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जनजातीय क्षेत्रों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अंग्रेजी संप्रेषण कौशल को मजबूत करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग विशेष प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है। 90 घंटे के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को अंग्रेजी में बातचीत करने और अपने विचार प्रभावी ढंग से व्यक्त करने के लिए तैयार करना है, ताकि दूरस्थ अंचलों के युवाओं का आत्मविश्वास बढ़े और उन्हें रोजगार तथा उच्च शिक्षा के नए अवसरों तक पहुंच बनाने में मदद मिले।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा और उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा के मार्गदर्शन में तैयार किए गए इस विशेष पाठ्यक्रम को प्रदेश के अनुसूचित जनजातीय क्षेत्रों के महाविद्यालयों में संचालित किया जाएगा। मंत्री श्री वर्मा ने इसे युवाओं के आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना का लाभ अनुसूचित जनजाति वर्ग के पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाए और कोई भी योग्य विद्यार्थी इससे वंचित न रहे। विभाग का उद्देश्य दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों के युवाओं को अंग्रेजी संप्रेषण सहित ऐसी क्षमताओं से लैस करना है, जो उन्हें आगे की पढ़ाई और रोजगार की प्रतिस्पर्धा में बेहतर अवसर दे सकें।
पाठ्यक्रम के संचालन और निगरानी के लिए राज्य-स्तरीय अंग्रेजी संप्रेषण पाठ्यक्रम कार्यपालन समिति का गठन किया गया है। यह समिति 90 घंटे के प्रशिक्षण कार्यक्रम के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभालेगी। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय गुणवत्ता सुधार एवं गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ तथा राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय के माध्यम से किया जाएगा।
इस प्रशिक्षण से विशेष रूप से उन विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिन्हें अंग्रेजी में बातचीत करने या अपने विचार व्यक्त करने में झिझक महसूस होती है। नियमित प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों के संप्रेषण कौशल को विकसित करने के साथ उनके आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा।
पाठ्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आयुक्त, उच्च शिक्षा विभाग की अध्यक्षता में राज्य-स्तरीय अंग्रेजी संप्रेषण पाठ्यक्रम अनुवीक्षण समिति की बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के क्रियान्वयन की चरणबद्ध रूपरेखा पर चर्चा की और इसके सुचारू संचालन, गुणवत्ता तथा प्रभावी अनुवीक्षण से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया।
उच्च शिक्षा विभाग की यह पहल जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक क्षमता के साथ संप्रेषण कौशल विकसित करने का अवसर देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 90 घंटे का यह प्रशिक्षण उन्हें अपनी बात अधिक प्रभावी ढंग से रखने, आत्मविश्वास के साथ संवाद करने और आगे की शिक्षा एवं रोजगार की संभावनाओं के लिए खुद को तैयार करने में मददगार हो सकता है।
