रायपुर, 01 सितंबर 2026
धमतरी के स्वर्गीय छोटेलाल श्रीवास्तव स्नातकोत्तर महाविद्यालय में युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से बचाने और स्वस्थ एवं जागरूक समाज के निर्माण का संदेश देने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के केंद्रीय संचार ब्यूरो, रायपुर द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत-संकल्प अभियान’ तथा ‘राष्ट्रीय पोषण माह’ को समर्पित रहा। कार्यक्रम में महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा ज्ञानवर्धक चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि युवावस्था जीवन की दिशा और भविष्य तय करने का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव है। युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर अपनी ऊर्जा, क्षमता और प्रतिभा का उपयोग शिक्षा, खेल, नवाचार तथा राष्ट्र निर्माण के कार्यों में करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशे की लत किसी एक व्यक्ति के जीवन को ही प्रभावित नहीं करती, बल्कि इसका असर पूरे परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ता है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। देश की युवा शक्ति यदि स्वस्थ, अनुशासित, जागरूक और जिम्मेदार होगी, तो भारत विकास के नए आयाम स्थापित कर सकेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने साथियों और आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान कुपोषण और बेहतर पोषण को लेकर भी विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी ने पोषण के महत्व और विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए स्टंटिंग, वेस्टिंग और कम वजन जैसी समस्याओं के बारे में बताया। उन्होंने पौष्टिक एवं संतुलित आहार को दैनिक जीवन में शामिल करने के साथ एनीमिया की रोकथाम, डायरिया प्रबंधन, स्वच्छता तथा जीवन के पहले 1000 दिनों के महत्व पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं स्वस्थ आदतें अपनाने के साथ अपने परिवार और समाज में भी पोषण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाएं। स्वस्थ युवा ही स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र की आधारशिला बन सकते हैं।
जागरूकता कार्यक्रम को रचनात्मक रूप देने के लिए नशामुक्ति, पोषण और स्वच्छता विषयों पर रंगोली एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। विद्यार्थियों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा के माध्यम से नशे से होने वाले नुकसान, पौष्टिक आहार और स्वस्थ जीवनशैली का प्रभावी संदेश प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया और युवाओं में सामाजिक जागरूकता की भावना को मजबूत किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित विद्यार्थियों एवं नागरिकों को जीवनभर नशे से दूर रहने, दूसरों को भी नशामुक्ति के लिए प्रेरित करने तथा स्वस्थ एवं जिम्मेदार समाज के निर्माण में योगदान देने की शपथ दिलाई गई। ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान के माध्यम से युवाओं को यह संदेश दिया गया कि नशे से दूरी, बेहतर पोषण, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ वे न केवल अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
