सुकमा, 30 अगस्त 2026।
सूरज की रोशनी अब सुकमा के कुम्हाररास निवासी बुद्धिमंत पटारी के परिवार के लिए सिर्फ उजाला नहीं, बल्कि बड़ी बचत का जरिया बन गई है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर रूफटॉप सिस्टम लगने के बाद परिवार का हर महीने आने वाला 3 से 4 हजार रुपये तक का बिजली बिल अब शून्य हो गया है।
पहले बिजली बिल में हर महीने हजारों रुपये खर्च होते थे। अब वही रकम परिवार की बचत में जुड़ रही है। इससे घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा तैयार करने में भी मदद मिल रही है।
केंद्र और राज्य की सब्सिडी से आसान हुआ सोलर लगाना
बुद्धिमंत पटारी के परिवार के लिए सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाना सरकारी सहायता की वजह से आसान हुआ। योजना के तहत परिवार को केंद्र सरकार से 78 हजार रुपये और राज्य सरकार से 30 हजार रुपये की सब्सिडी मिली।
सरकारी सहायता से सोलर सिस्टम लगाने की लागत का बोझ कम हुआ और परिवार ने स्वच्छ एवं किफायती ऊर्जा की ओर कदम बढ़ाया।
बिजली खर्च बचा, परिवार की बचत बढ़ी
सोलर सिस्टम लगने के बाद परिवार को हर महीने आने वाले बड़े बिजली बिल से राहत मिली है। अब बिजली पर खर्च होने वाली राशि को दूसरे घरेलू कामों और भविष्य की जरूरतों के लिए बचाया जा सकता है।
बुद्धिमंत पटारी का अनुभव बताता है कि सौर ऊर्जा सिर्फ बिजली उत्पादन का विकल्प नहीं, बल्कि परिवार की आर्थिक बचत बढ़ाने का माध्यम भी बन सकती है।
‘सूरज की रोशनी से बचत का उजाला’
सुकमा जैसे क्षेत्र में सौर ऊर्जा को अपनाने की यह कहानी स्वच्छ ऊर्जा के साथ आर्थिक आत्मनिर्भरता की भी तस्वीर पेश करती है।
बुद्धिमंत पटारी के परिवार के लिए छत पर लगा 3 किलोवाट का सोलर सिस्टम अब हर दिन सूरज की रोशनी को बिजली में बदल रहा है—बिजली का खर्च घट रहा है, बचत बढ़ रही है और भविष्य को लेकर आर्थिक भरोसा मजबूत हो रहा है।
यानी, सूरज की रोशनी से घर रोशन होने के साथ अब परिवार की बचत का उजाला भी बढ़ रहा है।
