सुकमा, 30 जुलाई 2026। सुकमा जिले के तेलगापारा की रहने वाली श्रीमती राजेश्वरी मांझी के लिए महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सम्मान के साथ जीवन जीने का नया आधार बन गई है। योजना के तहत खाते में पहुंचने वाली 1000 रुपये की राशि ने उनके परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को आसान कर दिया है। घर के लिए ताजी सब्जियां, राशन, साबुन-तेल और बच्चों के पोषण से जुड़ी आवश्यक चीजों की पूर्ति अब वे अपनी प्राथमिकता के अनुसार कर पा रही हैं।
हर महीने मिलने वाली यह नियमित सहायता राजेश्वरी को परिवार की आर्थिक व्यवस्था में एक मजबूत और सक्रिय भागीदार बना रही है। छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भरता कम होने से उनके भीतर निर्णय लेने का आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
राजेश्वरी गर्व और संतोष के साथ बताती हैं कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश की महिलाओं के हुनर, मेहनत और मान-सम्मान को नई पहचान मिल रही है। वे कहती हैं, “विष्णु भैया के इस साथ ने हम बहनों के भीतर यह भरोसा जगाया है कि हम भी अपने पैरों पर खड़े होकर परिवार की मजबूत रीढ़ बन सकती हैं।”
महतारी वंदन योजना बस्तर के वनांचल से लेकर पूरे प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा दे रही है। विशेषकर ग्रामीण परिवेश से जुड़ी महिलाएं नियमित आर्थिक सहायता के माध्यम से अपनी घरेलू जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से पूरा करने के साथ परिवार के आर्थिक निर्णयों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
राजेश्वरी का अनुभव इसी सकारात्मक बदलाव की तस्वीर पेश करता है। उनके लिए महतारी वंदन योजना रोजमर्रा की जरूरतों में सहयोग देने के साथ आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता का आधार बन गई है। योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता ने उन्हें अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने और बच्चों की खुशियों में अपनी भूमिका को और मजबूत करने का अवसर दिया है।
