रायपुर, 15 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम, वीर सेनानियों के शौर्य एवं बलिदान, राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की यात्रा तथा राज्य की विकास और सुशासन की उपलब्धियों को एक मंच पर प्रस्तुत किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदर्शनी के विभिन्न खंडों का अवलोकन करते हुए दुर्लभ छायाचित्रों, ऐतिहासिक दस्तावेजों और सूचनात्मक सामग्री में विशेष रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ की धरती के अनेक वीर सपूतों ने संघर्ष और बलिदान दिया। उनके योगदान और राष्ट्रभक्ति की प्रेरक गाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है।
उन्होंने कहा कि ऐसी प्रदर्शनियां युवाओं और विद्यार्थियों को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ने के साथ उनमें राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यबोध और देश के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करती हैं। यह प्रदर्शनी केवल अतीत का स्मरण नहीं कराती, बल्कि विरासत से प्रेरणा लेकर विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प भी प्रस्तुत करती है।
‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा
प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा पर आधारित खंड है। इसमें इसकी रचना से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रजागरण के प्रभावशाली स्वर के रूप में स्थापित होने तक की यात्रा को ऐतिहासिक संदर्भों और छायाचित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।
स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में ‘वंदे मातरम्’ ने देशवासियों में राष्ट्रभाव और मातृभूमि के लिए त्याग एवं बलिदान की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रदर्शनी में इस गौरवशाली यात्रा को विशेष स्थान दिया गया है।
वीर सेनानियों के शौर्य और बलिदान की गाथा
प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता सेनानियों, जननायकों और अमर बलिदानियों के योगदान से जुड़े दुर्लभ छायाचित्र, दस्तावेज और ऐतिहासिक प्रसंग प्रदर्शित किए गए हैं। इसके माध्यम से दर्शकों को उस दौर से परिचित कराया जा रहा है, जब छत्तीसगढ़ की धरती पर भी ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष और जनजागरण की आवाज बुलंद हुई थी।
महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास तथा यहां हुए सामाजिक और राष्ट्रीय आंदोलनों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंग भी प्रदर्शनी का हिस्सा हैं।
टाउन हॉल और शहीद स्मारक के लिए 50-50 लाख रुपये की घोषणा
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी की दो महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहरों—टाउन हॉल और शहीद स्मारक—के संरक्षण, साज-सज्जा एवं नवीनीकरण के लिए 50-50 लाख रुपये देने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि शहीद स्मारक देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों की स्मृतियों को संजोए हुए है, जबकि ऐतिहासिक टाउन हॉल रायपुर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इन धरोहरों का संरक्षण हमारी ऐतिहासिक विरासत के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘विरासत से विकास तक’ की सोच के साथ आगे बढ़ रही है। आधुनिक विकास के साथ प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों की गरिमा को बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
योजनाओं से बदली जिंदगी की तस्वीर
प्रदर्शनी में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उनसे आम नागरिकों के जीवन में आए बदलावों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। महिलाओं, किसानों, युवाओं, श्रमिकों और जरूरतमंद परिवारों से जुड़ी योजनाओं को छायाचित्रों एवं सूचनात्मक सामग्री के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
महतारी वंदन योजना, कृषक उन्नति योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना सहित शिक्षा, कौशल, रोजगार एवं श्रमिक कल्याण से जुड़ी पहलों की झलक भी प्रदर्शनी में देखने को मिल रही है।
सुशासन और आधुनिक अधोसंरचना से विकसित छत्तीसगढ़ की झलक
प्रदर्शनी में डिजिटल पंजीयन, सुशासन तिहार, हरित छत्तीसगढ़, शिक्षा एवं अधोसंरचना के विस्तार सहित राज्य की विकास यात्रा को भी दर्शाया गया है। बेहतर सड़क और रेल संपर्क, औद्योगिक अधोसंरचना, निवेश तथा रोजगार के नए अवसरों से जुड़े कार्यों को भी प्रदर्शित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष से हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों की प्रेरणा मिलती है और यही प्रेरणा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की ऊर्जा बनती है।
एआई तकनीक से विरासत और पर्यटन का अनूठा अनुभव
प्रदर्शनी में आधुनिक तकनीक और छत्तीसगढ़ की विरासत का अनूठा संगम भी देखने को मिल रहा है। एआई आधारित पहल के माध्यम से आगंतुक प्रदेश के प्रमुख तीर्थ और पर्यटन स्थलों की पृष्ठभूमि के साथ अपनी डिजिटल तस्वीर तैयार करा सकते हैं। बच्चों और युवाओं में इस पहल को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
विजिटर डायरी और डॉक्यूमेंट्री बनी आकर्षण का केंद्र
प्रदर्शनी स्थल पर रखी गई विजिटर डायरी में आम नागरिक स्वतंत्रता दिवस, राष्ट्रप्रेम और छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा से जुड़े अपने विचार एवं अनुभव दर्ज कर सकते हैं। राज्य की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास यात्रा पर आधारित विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन भी किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विजिटर बुक में अपने विचार दर्ज करते हुए प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए इसे स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और शासन की योजनाओं एवं उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का उपयोगी प्रयास बताया।
21 अगस्त तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी प्रदर्शनी
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों से प्रदर्शनी का अवलोकन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अपने इतिहास और विरासत को जानना हमें वर्तमान के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराता है और बेहतर भविष्य के निर्माण की प्रेरणा देता है।
