रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जनसंपर्क विभाग और कार्टून वॉच की संयुक्त पहल ‘मुस्कुराता बस्तर’ की सराहना करते हुए कहा कि कार्टून कला बच्चों में रचनात्मकता, संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच विकसित करने का सशक्त माध्यम है। गुरुवार को मंत्रालय महानदी भवन में कार्टून वॉच के संपादक त्र्यंबक शर्मा ने मुख्यमंत्री से सौजन्य मुलाकात कर अभियान की जानकारी दी और ‘मुस्कुराता बस्तर’ कार्टून प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण कार्यशाला की स्मारिका भेंट की।
‘कला व्यक्तित्व निर्माण का प्रभावी माध्यम है’ : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कला समाज को जोड़ने और नई पीढ़ी के व्यक्तित्व निर्माण का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि कार्टून केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि विचारों को सरल, सहज और प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त करने की एक सशक्त विधा है।
उन्होंने कहा कि यदि बच्चों को प्रारंभिक अवस्था से ही रचनात्मक अभिव्यक्ति के अवसर मिलें, तो उनमें आत्मविश्वास, संवेदनशीलता, तार्किक सोच और सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास होता है।
शिक्षा के साथ कला और संस्कृति भी हैं जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ कला, साहित्य, खेल और संस्कृति जैसी गतिविधियां भी बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए समान रूप से आवश्यक हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में इस तरह के आयोजन लगातार किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल सके।
‘मुस्कुराता बस्तर’ के तहत बच्चों को मिला कार्टून कला का प्रशिक्षण
उल्लेखनीय है कि जनसंपर्क विभाग और कार्टून वॉच द्वारा ‘मुस्कुराता बस्तर’ अभियान के तहत जगदलपुर सहित बस्तर अंचल के विभिन्न शासकीय विद्यालयों के लगभग 100 विद्यार्थियों के लिए विशेष कार्टून प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।
इस कार्यशाला में देश के प्रतिष्ठित कार्टूनिस्टों ने बच्चों को कार्टून कला की बारीकियां, रेखांकन, व्यंग्य की अभिव्यक्ति, दृश्य संप्रेषण और रचनात्मक सोच के विभिन्न आयामों से परिचित कराया।
रचनात्मक सोच और सामाजिक सरोकारों की मिली सीख
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाशीलता को चित्रों के माध्यम से अभिव्यक्त करने तथा सामाजिक विषयों पर सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। यह पहल बच्चों की रचनात्मक क्षमता को निखारने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक सरोकारों से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है।
