एमसीबी, 01 जुलाई 2026। केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत छत्तीसगढ़ के अकुशल श्रमिकों को बड़ी राहत देते हुए उनकी दैनिक मजदूरी 300 रुपये निर्धारित कर दी है। नई मजदूरी दर 1 जुलाई 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी हो गई है। इस निर्णय से ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत लाखों श्रमिकों की आय में वृद्धि होने के साथ उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह निर्णय विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 के तहत राज्यवार मजदूरी दरों के निर्धारण के अंतर्गत लिया गया है। इसका उद्देश्य ग्रामीण श्रमिकों को बेहतर पारिश्रमिक उपलब्ध कराना और रोजगार सुरक्षा को मजबूत करना है।
1 जुलाई से लागू हुई नई मजदूरी दर
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 1 जुलाई 2026 से मिशन के अंतर्गत कार्य करने वाले सभी पात्र अकुशल हस्त कर्मकारों को 300 रुपये प्रतिदिन की दर से मजदूरी का भुगतान किया जाएगा।
नई अधिसूचना लागू होने के बाद संबंधित योजनाओं में कार्यरत श्रमिकों को संशोधित दर के अनुसार भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
लाखों ग्रामीण श्रमिकों को मिलेगा सीधा लाभ
नई मजदूरी दर लागू होने से प्रदेश के लाखों ग्रामीण श्रमिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इससे उनकी आय में वृद्धि होने के साथ ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।
सरकार का मानना है कि बढ़ी हुई मजदूरी से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा तथा आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।
ग्रामीण विकास और रोजगार सुरक्षा को मिलेगा बल
केंद्र सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना है।
नई मजदूरी दर को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, श्रमिकों की आय बढ़ाने और गांवों में सतत आजीविका को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
