सुकमा, 01 जुलाई 2026। जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से जिला जेल सुकमा के चारों ओर 200 मीटर के दायरे को ‘नो फ्लाई जोन’ घोषित कर दिया है। अब इस प्रतिबंधित क्षेत्र में जिला दंडाधिकारी अथवा सक्षम सुरक्षा प्राधिकरण की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी प्रकार का ड्रोन, क्वाडकॉप्टर या अन्य मानवरहित विमान उड़ाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
यह निर्णय सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस से विचार-विमर्श के बाद लिया गया है, ताकि जेल परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी भी संभावित सुरक्षा खतरे को रोका जा सके।
कलेक्टर अमित कुमार ने जारी किया आदेश
कलेक्टर अमित कुमार द्वारा जारी आदेश में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 के प्रावधानों के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए यह अधिसूचना जारी की गई है।
आदेश के अनुसार जिला जेल परिसर के चारों दिशाओं में 200 मीटर तक का क्षेत्र प्रतिबंधित क्षेत्र रहेगा और बिना लिखित अनुमति किसी भी प्रकार की ड्रोन गतिविधि की अनुमति नहीं होगी।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठाया गया अहम कदम
प्रशासन के अनुसार जेल परिसर के ऊपर या आसपास अनधिकृत ड्रोन उड़ाने से सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होने, अवैध निगरानी और अन्य सुरक्षा संबंधी जोखिम उत्पन्न होने की आशंका रहती है।
इन्हीं संभावित खतरों को देखते हुए जिला प्रशासन ने जेल क्षेत्र की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए यह फैसला लिया है।
आदेश तत्काल प्रभाव से लागू
प्रशासन द्वारा जारी अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है और अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनधिकृत ड्रोन गतिविधि को गंभीर उल्लंघन माना जाएगा।
उल्लंघन करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध प्रचलित कानूनों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और प्रतिबंधित क्षेत्र में बिना अनुमति ड्रोन का संचालन न करें।
