रायपुर, 30 अगस्त 2026।
बेटी की पढ़ाई, शादी और सुरक्षित भविष्य को लेकर हर माता-पिता की अपनी चिंताएं होती हैं। गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत सारबहरा की रहने वाली आकांक्षा भी अपनी बेटी के भविष्य को लेकर परेशान रहती थीं। सीमित आर्थिक संसाधनों के बीच बेटी को बेहतर शिक्षा और आगे चलकर आत्मनिर्भर बनाने की उनकी इच्छा थी, लेकिन भविष्य के लिए आर्थिक तैयारी करना चुनौती बना हुआ था।
इसी बीच ‘नोनी सुरक्षा योजना’ ने उनकी चिंता को कुछ कम किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से आकांक्षा ने अपनी बेटी का योजना के तहत पंजीयन कराया। बेटी के नाम भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा मिलने के भरोसे ने अब उनके मन में नई उम्मीद पैदा की है।
पढ़ाई और भविष्य के सपनों को मिलेगा सहारा
आकांक्षा चाहती हैं कि उनकी बेटी बिना आर्थिक बाधा के अपनी पढ़ाई पूरी करे और अपनी पसंद का करियर चुनकर आत्मनिर्भर बने। उन्हें उम्मीद है कि योजना से मिलने वाला लाभ भविष्य में बेटी की शिक्षा और विवाह जैसे महत्वपूर्ण पड़ावों पर परिवार के काम आएगा।
उनके लिए यह योजना महज आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बेटी के भविष्य को लेकर सुरक्षा और भरोसे का आधार बन गई है। बेटी के नाम भविष्य के लिए आर्थिक प्रावधान होने से उन्हें मानसिक राहत भी मिली है।
बेटियों के भविष्य को लेकर बढ़ रहा भरोसा
आकांक्षा का कहना है कि बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से संचालित सरकारी योजनाएं परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बन रही हैं।
ऐसी योजनाओं से अभिभावकों को बेटियों की शिक्षा और बेहतर परवरिश पर ध्यान देने का भरोसा मिलता है। उनका मानना है कि जब बेटी का भविष्य सुरक्षित होता है, तो पूरे परिवार में खुशी और संतोष का भाव बढ़ता है।
मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
आकांक्षा ने बेटियों के भविष्य को सुरक्षित और बेहतर बनाने की दिशा में संचालित इस पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया।
उनका कहना है कि सरकार की ऐसी योजनाएं सीमित संसाधनों वाले परिवारों के लिए उम्मीद और संबल बनती हैं।
आकांक्षा के लिए नोनी सुरक्षा योजना अब उनकी बेटी के उज्ज्वल और आत्मनिर्भर भविष्य की उम्मीद है। उन्हें विश्वास है कि आने वाले समय में यह आर्थिक सुरक्षा बेटी की पढ़ाई और उसके सपनों को पूरा करने में मददगार साबित होगी।
