रायपुर, 11 जुलाई 2026। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विद्यालयों में प्रयोग आधारित, गतिविधि आधारित और दक्षता आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में जशपुर जिले में एक अभिनव पहल की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और Innovation and Science Promotion Foundation> के सहयोग से स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम विद्यालय, जशपुर में कक्षा 9वीं और 10वीं के विज्ञान शिक्षकों के लिए विशेष प्रायोगिक प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण में पुणे से आए वैज्ञानिक डॉ. प्रचेता मलिक और उनकी चार सदस्यीय टीम ने विज्ञान के विभिन्न सिद्धांतों पर आधारित प्रयोगों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षकों को गतिविधि आधारित शिक्षण की आधुनिक तकनीकों से परिचित कराया गया, ताकि वे विद्यार्थियों के लिए विज्ञान विषय को अधिक रोचक, व्यावहारिक और विद्यार्थी-केंद्रित बना सकें।

प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को डीआईवाई (Do It Yourself) गतिविधियों के माध्यम से पैराशूट, बैटरी, माइक्रोस्कोप, रेस्पिरोमीटर और स्ट्रॉ प्रोपेलर जैसे वैज्ञानिक मॉडल तैयार करना सिखाया गया। इसके अलावा एसिड-बेस न्यूट्रलाइजेशन रिएक्शन, कागज से ज्यामितीय आकृतियों का निर्माण तथा भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीवविज्ञान से जुड़े कई प्रयोगों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत एक्सपीरियंशियल लर्निंग, एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग और कंपिटेंसी बेस्ड लर्निंग की अवधारणाओं को विस्तार से समझाया गया। शिक्षकों को बताया गया कि प्रयोग आधारित शिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक सोच और नवाचार की भावना को प्रभावी ढंग से विकसित किया जा सकता है।
प्रशिक्षण के बाद शिक्षकों को डिजिटल माध्यम से अतिरिक्त प्रयोगों का विस्तृत मैन्युअल भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें इलेक्ट्रोप्लेटिंग, मैग्नेटिक पेन स्टैंड, वाइब्रेटिंग मेम्ब्रेन, क्रोमैटोग्राफी, सेंट्रीफ्यूज, स्टार्च डाइजेशन, सॉइल इरोजन मॉडल और मैग्नेटिक फील्ड लाइंस जैसे प्रयोग शामिल हैं, जिन्हें विद्यार्थी स्वयं करके विज्ञान की अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में एबीईओ टुमनू गोसाई, यशस्वी जशपुर से अवनीश पांडेय, संजय दास, सहयोगी मास्टर ट्रेनर प्रभात मिश्रा, दीपक ग्वाला, श्रीमती मनीषा भगत सहित जिले के सभी शासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के विज्ञान शिक्षक उपस्थित रहे।
