भारत मुक्ति संयुक्त मोर्चा का सफल आंदोलन— टिकेश्वर साहू
रायपुर – प्रकाश कुमार
छत्तीसगढ़ ओबीसी संयोजन समिति ने भारत मुक्ति संयुक्त मोर्चा के आंदोलन को पूर्ण समर्थन देते हुए प्रदेश भर से लगभग 500 पदाधिकारियों एवं समर्थकों को रायपुर के तूता माना धरना स्थल पर जुटाया।
इस महा आंदोलन का आयोजन भारत मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा, राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद तथा राष्ट्रीय गुरु घासीदास सतनाम क्रांति मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। दिल्ली से राष्ट्रीय नेतृत्व के रूप में वामन मेश्राम साहब, अनिल माने तथा चौधरी विकास पटेल साहब विशेष रूप से उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ ओबीसी संयोजन समिति के संस्थापक सदस्य श्री टिकेश्वर साहू ने बताया कि छत्तीसगढ़ भाजपा सरकार द्वारा लाया गया धर्म स्वतंत्रता विधेयक भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 21 तथा 25 के स्पष्ट उल्लंघन का उदाहरण है। इस कानून से राज्य के अल्पसंख्यक समुदाय में भय का माहौल व्याप्त है।

उन्होंने आगे कहा कि ओबीसी जाति जनगणना, आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन का बिना उनकी सहमति के अधिग्रहण, बलौदा बाजार कांड में सतनामी समाज के 267 निरपराध युवकों की जेल यात्रा तथा 2011 की शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर हजारों शिक्षकों की नौकरियों पर मंडराता खतरा — ये सभी ज्वलंत मुद्दे इस महा आंदोलन में प्रमुखता से उठाए गए।

आंदोलनकर्ताओं ने इन सभी मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के बाद राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा रायपुर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे:
बल्दू राम साहू, प्रदीप विश्वकर्मा, चेतन साखरे, विक्रम साहू, तरुण कुमार साहू, सदानंद साहू, हेमंत यादव, भागी सेन, विशेश्वर ध्रुव, राजू भार्गव, शंकर भार्गव, घनाराम साहू, बुधारूराम साहू, भिखाराम साहू, मनोज कुमार साहू, शीतल साहू आदि।
