रायपुर, 29 अक्टूबर 2026।
चक्रवात ‘अर्नब’ के मद्देनजर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से दूरभाष पर चर्चा कर प्रदेश की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें चक्रवात के प्रभाव से प्रदेश में हो रही बारिश और उससे उत्पन्न परिस्थितियों से अवगत कराया। केंद्रीय गृह मंत्री ने स्थिति को लेकर जानकारी प्राप्त करते हुए राज्य सरकार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय गृह मंत्री को बताया कि चक्रवात के प्रभाव से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश हो रही है, लेकिन अभी तक कहीं से भी बाढ़ की स्थिति या जनहानि की सूचना नहीं मिली है। राज्य सरकार परिस्थितियों पर लगातार नजर बनाए हुए है और संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक सतर्कता बरती जा रही है। संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को समन्वय के साथ स्थिति पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक तैयारियां रखी जा रही हैं। मौसम और बारिश से जुड़ी परिस्थितियों पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके। राज्य सरकार का प्रयास है कि संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी संबंधित विभाग पूरी तत्परता और आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने चक्रवात से प्रभावित राज्यों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय से आपदा जैसी परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद मिलती है।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के साथ-साथ आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों से भी चर्चा कर चक्रवात ‘अर्नब’ से संबंधित परिस्थितियों की जानकारी ली है। उन्होंने प्रभावित राज्यों को केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है। चक्रवात के मद्देनजर राज्य सरकार और प्रशासन सतर्कता के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि प्रदेशवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और जरूरत पड़ने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
