शिक्षा पर ताला, प्रचार पर तिजोरी — भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ को अज्ञानता की ओर धकेल रही है-उत्तम जायसवाल, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, आप
रायपुर-अमृतेश्वर सिंह राजपूत
15 फरवरी 2026।आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने प्रदेश में संचालित 751 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों की दयनीय स्थिति के लिए राज्य की भाजपा सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार योजनाओं के नाम पर प्रचार में करोड़ों खर्च कर रही है, लेकिन गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों की शिक्षा के लिए जरूरी फंड देने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में 403 अंग्रेजी माध्यम और 348 हिंदी माध्यम सहित कुल 751 आत्मानंद स्कूल जिला कलेक्टरों के माध्यम से सुचारू रूप से संचालित हो रहे थे। प्रत्येक विद्यालय को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये का नियमित फंड मिलता था। लेकिन वर्तमान सरकार ने इन स्कूलों को आधा-अधूरा फंड देना शुरू कर दिया है, वह भी कई जगहों पर अनियमित रूप से।
राजधानी के स्कूल भी बदहाल
रायपुर जिले में संचालित 36 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल फंड की भारी कमी से जूझ रहे हैं। स्थिति इतनी खराब है कि कई स्कूलों को बिजली बिल के नोटिस तक मिल चुके हैं और भुगतान लंबित है। रंग-रोगन, मरम्मत और आवश्यक शैक्षणिक गतिविधियां तक ठप हो चुकी हैं। स्कूलों को स्टेशनरी, छोटे-बड़े आयोजनों और आकस्मिक खर्चों के लिए उधार लेना पड़ रहा है।
राजनांदगांव: नाम बदला, हालात नहीं:
राजनांदगांव के एक हाई स्कूल को आत्मानंद स्कूल में तब्दील किया गया, लेकिन सिर्फ बोर्ड बदले गए, शिक्षा की गुणवत्ता नहीं। स्वीकृत शिक्षकों के पदों में से लगभग आधे पद खाली हैं। 9वीं से 12वीं तक 620 विद्यार्थी (145 बालिकाएं और 475 बालक) अध्ययनरत हैं, लेकिन पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं। इस स्कूल को मात्र 2.55 लाख रुपये का फंड दिया जा रहा है, जिससे मूलभूत जरूरतें भी पूरी नहीं हो पा रही हैं।
बस्तर: शिक्षक हैं, पर संसाधन नहीं:
बस्तर जिले के दरभा और चिंगपाल में अंग्रेजी व हिंदी माध्यम तथा चितापुर में हिंदी माध्यम से पढ़ाई हो रही है। कमरों की कमी के कारण दो पालियों में स्कूल चल रहे हैं। सरकार दावा कर रही है कि शिक्षकों के पद पूरे हैं, लेकिन प्रयोगशालाएं, संसाधन और आधारभूत सुविधाएं नदारद हैं। कई स्कूलों में एक साल से बच्चों को ड्रेस तक नहीं मिली है।
नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने वाला है, लेकिन न ड्रेस पहुंची है और न जरूरी शैक्षणिक सामग्री। कई जगह स्कूल बंद होने की कगार पर हैं। अचानक स्कूल बंद होने से बच्चों के एडमिशन और भविष्य पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। गरीब परिवार निजी स्कूलों की महंगी फीस देने में असमर्थ हैं।
“सरकार बच्चों को अशिक्षित रखना चाहती है” — उत्तम जायसवाल
उत्तम जायसवाल ने कहा,”स्पष्ट है कि भाजपा सरकार शिक्षा विरोधी मानसिकता से काम कर रही है। यदि सरकार के पास प्रचार और कार्यक्रमों के लिए पैसा है तो बच्चों की शिक्षा के लिए क्यों नहीं? यह सरकार प्रदेश को अज्ञानता में धकेलना चाहती है।” उन्होंने मांग की कि सभी आत्मानंद विद्यालयों को तत्काल पर्याप्त और नियमित फंड उपलब्ध कराया जाए, रिक्त शिक्षक पदों को भरा जाए और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बिजली और पानी आम जनता का अधिकार है और पार्टी प्रदेश के बच्चों की शिक्षा के साथ किसी भी प्रकार की अनदेखी बर्दाश्त नहीं करेगी।
