
रायपुर :- हिन्द सेना राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सदस्य केंद्रीय मंत्रालय भारत सरकार मंगेश वैद्य के निर्देशानुसार युवा ब्रिगेड राष्ट्रीय अध्यक्ष दक्ष वैद्य एवं युवा ब्रिगेड प्रदेश संगठन मंत्री स्वराज मुदलियार के नेतृत्व में, भारत माता के अमर सपूत क्रांतिकारी भगत सिंह,शिवराम राजगुरु एवं सुखदेव थापर के शहीदी दिवस पर वतनपरस्ती से लबरेज कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस कड़ी में देशभक्ति के भाव से भारी विचार गोष्ठी भी आयोजित की गई।
देश की एकता अखंडता और सुरक्षा की जिम्मेदारी हम युवाओं के कंधों पर
युवा ब्रिगेड राष्ट्रीय अध्यक्ष दक्ष वैद्य ने समस्त हिन्द सैनिकों को वीर सेनानियों के दिखाए गए मार्गों पर चलने का शपथ दिलाते हुए कहा कि ब्रिटिश हुकूमत की गुलामी से हमारे देश को आजाद करने वाले कई क्रांतिवीरों ने अपने सर्वस्व न्योंछावर कर दिया है। शहीद भगत सिंह,राजगुरु एवं सुखदेव को अंग्रेजों ने 23 मार्च के दिन एक साथ फांसी के फंदे पर लटका दिया था,इन सपूतों ने भारत माता की अस्मिता की रक्षा के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया था। देश की एकता अखंडता और सुरक्षा की सबसे बड़ी जिम्मेदारी हम युवाओं के ही कंधों पर हैं। युवाओं में ऐसी ताकत,ऐसी ऊर्जा होती है कि वह आसमान का भी सीना चीरकर रख दें, इसलिए युवा अपनी ताकत और ऊर्जा का इस्तेमाल देश के उत्थान एवं नवनिर्माण के लिए करें।
युवा ब्रिगेड प्रदेश संगठन मंत्री स्वराज मुदलियार ने कहा कि बसंती रंग क्रांति का संकेत है।आज हर युवा अपनी रोम-रोम को इस रंग में रंग ले और देश सेवा के लिए आगे बढ़े, देश की एकता अखंडता और सुरक्षा की सबसे बड़ी जिम्मेदारी हम युवाओं के ही कंधों पर है। प्रदेश प्रवक्ता एवं कार्यकारी जिलाध्यक्ष शिवम शुक्ला ने कहा कि आज की पीढ़ी को आजादी के क्रांति वीरों की जीवन गाथा से जोड़े रखने व प्रेरित करने के लिए उन्हें सही दिशा देने की जरूरत है।
आयोजन के दौरान देखने को मिला देशभक्ति का जोशभरा जज्बा
युवा ब्रिगेड महिला सेल विधानसभा कार्यकारी अध्यक्ष सानिया खोखर,वरिष्ठ उपाध्यक्ष अभय पाठक, महासचिव ऋषभ पांडे, छात्र ब्रिगेड कार्यकारी अध्यक्ष रोशन मिश्रा,उत्कर्ष शुक्ला,आदित्य देशलहरे,स्वतंत्र पटेल ने संयुक्त रूप से विचार रखते हुए कहा कि हमारे शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में क्रांतिवीरों के योगदानों का पुनः समावेश जरूरी हो गया है। हिन्द सेना के इस परंपरागत आयोजन के दौरान देशभक्ति का जोशभरा जज्बा देखने को मिला। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से समस्त हिन्द सैनिक एवं क्षेत्रवासी उपास्थि थे।